हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का 10 करोड़ बकाया जमा, जल्द खुलेगा अस्पताल 287 डॉक्टरों की भर्ती शुरू!

हरिद्वार: लंबे समय से विवादों, आंदोलन और व्यवस्थागत खामियों के कारण सुर्खियों में रहे राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। स्वास्थ्य विभाग ने कॉलेज का 10 करोड़ रुपये का बकाया बिजली बिल जमा कर दिया है। इसी के साथ स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने यह भी घोषणा कर दी कि प्रदेश में 287 नए डॉक्टरों की नियुक्ति होने जा रही है, जिससे न सिर्फ हरिद्वार बल्कि पूरे उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी।

यह वही मेडिकल कॉलेज है जहाँ कभी छात्रों ने निजीकरण के विरोध में धरना दिया, और कुछ ही दिन पहले बिजली कटने पर फिर आंदोलन छिड़ गया था। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं—सरकार दावा कर रही है कि “स्टूडेंट्स को सभी सुविधाएँ मिलने लगी हैं, और अगले पाँच महीनों में अस्पताल भी शुरू हो जाएगा।”

 10 करोड़ का बिल जमा—अब कॉलेज की बिजली स्थायी

नवंबर की शुरुआत में कॉलेज का बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद एमबीबीएस छात्रों की कक्षाएँ और पढ़ाई ठप पड़ गई थी। यह मामला पूरे राज्य में आलोचना का केंद्र बन गया था।

स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत का कहना है—

  • “बिजली कनेक्शन पहले कार्यदायी संस्था के नाम था। अब इसे मेडिकल कॉलेज के नाम पर कर दिया गया है।”

  • “विद्युत विभाग द्वारा मांगे गए 10 करोड़ का पूरा बकाया जमा कर दिया गया है।”

इससे साफ है कि आने वाले समय में कॉलेज में बिजली संबंधित दिक्कतें दोबारा नहीं होंगी।

 5 महीनों में अस्पताल शुरू—80% बेड हरिद्वार निवासियों के लिए आरक्षित

हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का 20% निर्माण कार्य अभी बाकी है, लेकिन अस्पताल शुरू करने की तैयारी तेज है।

मंत्री के अनुसार—

  • अस्पताल अगले 5 महीनों में शुरू हो जाएगा।

  • आपातकाल (Emergency) छोड़कर 80% बेड हरिद्वार और आसपास के मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर दिए जाएंगे।

  • डॉक्टर, पैरामेडिकल और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्तियाँ जल्द होंगी।

  • अस्पताल शुरू होने से रेफरल केस घटेंगे और बड़ी बीमारियों का इलाज यहीं संभव होगा।

यह कदम हरिद्वार और आस-पास के लाखों लोगों के लिए सीधा लाभ देने वाला सिद्ध होगा।

 स्वास्थ्य विभाग की बड़ी तैयारी—287 डॉक्टरों का अधियाचन भेजा

राज्यभर में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 287 डॉक्टरों की नियुक्ति का प्रस्ताव भेज दिया है।

इससे न सिर्फ हरिद्वार का मेडिकल कॉलेज, बल्कि उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में जूझ रही स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।

 दो बैच, 200 छात्र—NEET पास युवाओं का भविष्य अब सुरक्षित

इस समय कॉलेज में—

  • 100 सीटों पर

  • 2024 और 2025 बैच के

  • कुल 200 एमबीबीएस छात्र पढ़ रहे हैं।

पहले बैच ने निजीकरण का विरोध किया था और हाल ही में दूसरे बैच ने बिजली कटने पर आवाज उठाई थी।

सरकारी कदमों के बाद छात्रों में अब राहत और उम्मीद दोनों बढ़ी है।

हरिद्वार के लिए बड़ी उम्मीद—स्वास्थ्य सेवाओं में नया अध्याय

अस्पताल शुरू होते ही हरिद्वार में—

  • गंभीर मामले देहरादून-ऋषिकेश भेजने की बाध्यता कम होगी

  • स्थानीय लोगों को तुरंत इलाज मिलेगा

  • आधुनिक सुविधाओं वाला सरकारी हॉस्पिटल उपहार के रूप में मिलेगा

राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार अब धीरे-धीरे उस दिशा में बढ़ रहा है जहाँ वह वास्तव में एक सेंट्रल हेल्थ हब बन सकता है।

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