लंदन की दुल्हन, बार्सू में सात फेरे, रुद्रप्रयाग के जाखणी गांव के अक्षय नेगी और लंदन की मेलोडी की शादी

भटवाड़ी ब्लॉक के आदर्श पर्यटक गांव बार्सू ने शनिवार को ऐसा दृश्य देखा, जिसे देखने वाले शायद जीवनभर भूल न पाएंगे। रुद्रप्रयाग के जाखणी गांव के अक्षय नेगी और लंदन की मेलोडी ने जब वासुकी नाग देवता मंदिर में गढ़वाली व हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार सात फेरे लिए, तो ऐसा लगा मानो देवभूमि के आंगन में संस्कृति का सबसे सुंदर उत्सव उतर आया हो।

यह सिर्फ एक विवाह नहीं था—यह दुनिया को यह संदेश था कि उत्तराखंड की परंपराओं का आकर्षण सीमाओं से परे है। जहाँ एक ओर पहाड़ में शादियों के लिए लड़कियाँ मिलना चुनौती बन गया है, वहीं दूसरी ओर रुद्रप्रयाग के इस युवक ने प्रेम और संस्कृति के पुल बांधते हुए लंदन की बेटी से विवाह कर ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसकी गूँज लंबे समय तक सुनाई देगी।

 विदेशी मेहमान, देसी स्वागत—बार्सू बना ‘ग्लोबल विवाह स्थल’

लंदन से आए लगभग 30 विदेशी मेहमानों ने पहली बार उत्तराखंडी संस्कृति को इतने करीब से देखा। जैसे ही बार्सू के ग्रामीणों ने उन्हें पारंपरिक “पैंछे-गुलौठी” और लोकगीतों के साथ स्वागत किया, मेहमानों की आंखें चमक उठीं।
पूरा विवाह स्थल फूलों, धूप-बत्ती और देवभूमि की पारंपरिक सजावट से ऐसा जगमगा रहा था कि हर विदेशी मेहमान बार-बार वही एक बात कह रहा था—

“This wedding feels like a sacred festival!”

 विवाह की रस्में—धार्मिकता और संस्कृति का पवित्र मिलन

रुद्रप्रयाग के पंडित अजय नौटियाल और वधूपक्ष के पंडित राजीव नौटियाल ने शास्त्रोक्त विधि से मंत्रोच्चार कराया।

बरसों से जहाँ भक्त वासुकी नाग देवता से मन्नतें मांगने आते हैं, वहीं उसी प्रांगण में मेलोडी और अक्षय ने अग्नि के सामने सात जन्मों का वचन दिया।

देवताओं के आशीर्वाद, पहाड़ की शांत हवा और लोकगीतों की धुन—सब मिलकर ऐसा आध्यात्मिक माहौल बना रहे थे कि मानो पूरा बुग्याल इस शादी का साक्षी हो।

मेलोडी का गढ़वाली डांस — गांव वालों की धड़कनें रुक गईं

जब विदेशी दुल्हन मेलोडी ने गढ़वाली लोकगीतों पर झूमकर नृत्य किया, तो बार्सू गांव तालियों से गूंज उठा।
लोग हैरान थे—
एक लंदन की लड़की, और गढ़वाली गीतों से इतना प्यार!

यही नहीं, विदाई भी पारंपरिक डोली में कराई गई। विदेशी मेहमानों ने इस अनोखी परंपरा को देखकर भावुक होकर कहा—
“We have never seen such a pure farewell ritual anywhere in the world.”

 प्यार बुग्यालों में पनपा, शादी देवभूमि में हुई

अक्षय और मेलोडी दोनों पेशे से ट्रैकिंग गाइड हैं। दयारा बुग्याल, सूर्य टॉप और बार्सू की ट्रेकिंग के दौरान दोनों की दोस्ती गहरी हुई और वही दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम में बदलती चली गई।

मेलोडी कहती हैं—
“बार्सू की परंपरा, लोग और त्योहार मेरे दिल में बस गए थे। तभी तय कर लिया था—अगर शादी करूंगी, तो यहीं करूंगी।”

 प्रधानमंत्री के वेडिंग डेस्टिनेशन विजन से प्रेरित अक्षय

अक्षय ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने की पहल ने उन्हें प्रेरित किया।
बार्सू जैसे खूबसूरत गांव में शादी कर उन्होंने दुनिया को दिखा दिया कि पहाड़ की संस्कृति में कितनी शक्ति, सुंदरता और पवित्रता छिपी है।

इस विवाह ने साबित कर दिया कि प्रेम भाषा या देश नहीं देखता।
संस्कृति, परंपरा और आस्था की शक्ति इतनी गहरी हो सकती है कि लंदन से आई दुल्हन भी गढ़वाली बन जाए। बार्सू में हुआ यह विवाह आने वाले वर्षों तक उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन और वेडिंग डेस्टिनेशन की दिशा में एक मील का पत्थर माना जाएगा।

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