सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: पहचान के लिए आधार मान्य, लेकिन नागरिकता का सबूत नहीं

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में चल रही वोटर लिस्ट अपडेट प्रक्रिया से जुड़े एक अहम मामले में स्पष्ट कर दिया है कि अब आधार कार्ड को भी पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि कोर्ट ने साफ कर दिया कि आधार केवल पहचान का दस्तावेज है, न कि नागरिकता का प्रमाण

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा—

  • आधार को 12वें पहचान दस्तावेज के रूप में शामिल किया जाए।

  • वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने से पहले आधार नंबर की सच्चाई की जांच अनिवार्य हो।

  • आधार कार्ड नागरिकता साबित नहीं करता, क्योंकि भारत में रहने वाले गैर-नागरिक भी आधार कार्ड बनवा सकते हैं।

कोर्ट ने कहा कि वोटर लिस्ट में केवल भारतीय नागरिकों के नाम ही रहने चाहिए और नकली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करने वालों को बाहर किया जाए।

बिहार में मामला क्यों अहम?

बिहार में देश की सबसे बड़ी वोटर लिस्ट है, जिसमें लगभग 7.24 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। वोटर लिस्ट से 65 लाख नाम हटाने का प्रस्ताव था, जिससे गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को वोट देने से वंचित किए जाने की आशंका बढ़ गई थी।
अब आधार को पहचान पत्र मान्यता देने के फैसले से उम्मीद है कि गरीब तबके को राहत मिलेगी, खासकर उन लोगों को जिनके पास पासपोर्ट या अन्य औपचारिक पहचान पत्र नहीं हैं।

ECI की भूमिका और कोर्ट की सख्ती

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग (ECI) को निर्देश दिया कि—

  • आधार को पहचान के दस्तावेज़ के रूप में स्वीकार करने का सर्कुलर जारी किया जाए।

  • यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल असली आधार कार्ड ही वोटर लिस्ट अपडेट में उपयोग हों।

  • वोटर लिस्ट तैयार करने वाले बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) नागरिकता तय नहीं कर सकते। उनका काम केवल स्थानीय पहचान और पते की जांच तक सीमित है। नागरिकता तय करने का अधिकार केवल केंद्र सरकार को है।

कोर्ट ने यह भी पूछा कि उन चुनाव अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस क्यों जारी किए गए, जिन्होंने मतदाताओं से आधार कार्ड लेने से इनकार कर दिया था।

कौन से दस्तावेज़ साबित करते हैं नागरिकता?

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नागरिकता साबित करने के लिए आधार पर्याप्त नहीं है। इसके लिए जरूरी दस्तावेज़ हैं:

  • पासपोर्ट

  • जन्म प्रमाणपत्र (माता-पिता का नाम सहित)

  • नागरिकता या प्राकृतिककरण प्रमाणपत्र

  • सरकारी रिकॉर्ड/स्कूल सर्टिफिकेट (अन्य सबूतों के साथ)

आधार कार्ड कहां काम आएगा, कहां नहीं?

 काम का: पहचान और पते की पुष्टि के लिए
 काम का नहीं: नागरिकता साबित करने के लिए

राजनीतिक पार्टियों को चेतावनी

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को भी निर्देश दिया था कि वे उन लोगों की मदद करें जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। कोर्ट ने दोहराया— “कोई भी नहीं चाहता कि वोटर लिस्ट में अवैध रूप से रहने वाले लोगों के नाम शामिल हों। केवल असली नागरिकों को ही वोट देने का अधिकार होना चाहिए।”

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