भू-माफिया कनेक्शन में फंसे भाजपा पार्षद मनीष बालर गिरफ्तार, पार्टी से निष्कासित – विपक्ष ने साधा निशाना
हरिद्वार/देहरादून,
उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में भूमि घोटाले से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें रुड़की नगर निगम के वार्ड 38 से भाजपा पार्षद मनीष बालर को एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए ज़मीन हड़पने और भूमि माफिया से सांठगांठ के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
फर्जी दस्तावेज़ों से हड़पी जा रही थी जमीनें
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि मनीष बालर एक सक्रिय लैंड फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, जो फर्जी दस्तावेजों और जाली रजिस्ट्री के ज़रिए जमीनों पर अवैध कब्जा करने में लिप्त था। जांच एजेंसी के पास ऐसे ठोस दस्तावेज़ी प्रमाण मौजूद हैं, जिनके आधार पर बुधवार को मनीष बालर की गिरफ्तारी की गई।
भाजपा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किया निष्कासित
जैसे ही गिरफ्तारी की पुष्टि हुई, हरिद्वार भाजपा जिला अध्यक्ष ने तुरंत संज्ञान लेते हुए पार्षद मनीष बालर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। इस कार्यवाही को भाजपा द्वारा अपनी “भ्रष्टाचार व अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति” का हिस्सा बताया गया।
भाजपा जिला अध्यक्ष ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा,
“पार्टी की छवि और मूल्यों के अनुसार ऐसे व्यक्तियों के लिए संगठन में कोई स्थान नहीं है। जनता का विश्वास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार
हालांकि भाजपा की इस त्वरित कार्यवाही को विपक्ष ने “दिखावटी कदम” करार दिया है। कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि
“भ्रष्ट और आपराधिक छवि वाले लोग भाजपा में संरक्षण पाते हैं, और जब उनका चेहरा उजागर होता है, तब पार्टी केवल दिखावे के लिए कार्रवाई करती है।”