2027 में सत्ता वापसी को कांग्रेस ने साधी ताल, बीजेपी को घेरने की तैयारी

देहरादून/हल्द्वानी। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। महज डेढ़ साल का समय शेष है और इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने चुनावी रणनीति पर फोकस तेज कर दिया है। पार्टी अब न सिर्फ संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय हो रही है बल्कि एकजुटता का संदेश देकर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भी भरने की कोशिश कर रही है।

हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा मानसून सत्र को कांग्रेस अपने लिए बड़ा अवसर मान रही है। इस सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने एकजुट होकर सरकार को घेरा और विपक्ष की भूमिका में मजबूती दिखाई। यही कारण है कि पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरीश रावत ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत सभी विधायकों की पीठ थपथपाई और उनका सम्मान किया। हरदा की इस पहल से कांग्रेस खेमे में जोश बढ़ा है और इसे चुनावी तैयारी का संकेत माना जा रहा है।

सत्ता वापसी का संकल्प

22 अगस्त को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में कांग्रेस विधायकों और नेताओं ने साफ संदेश दिया कि 2027 में कांग्रेस को सत्ता में लाना ही उनका लक्ष्य है। हरीश रावत ने कहा कि “हमने नेता प्रतिपक्ष समेत विधायकों का सम्मान कर यह संकल्प लिया है कि सत्ता की वापसी हमारी एकजुटता और संघर्ष से होगी। अब नए उत्साह और नए संघर्ष के साथ कांग्रेस मैदान में उतरेगी।”

गांव-गांव तक जाएगा संदेश

कांग्रेस ने रणनीति बनाई है कि आगामी समय में पार्टी गांव-गांव तक जाएगी और बीजेपी के “असली चेहरे” को जनता के सामने उजागर करेगी। पार्टी का आरोप है कि वर्तमान सरकार ने लोकतंत्र और पंचायती राज की भावना की हत्या की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इसी मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे और आंदोलन खड़ा करेंगे।

चतुर्भुज नेतृत्व करेगा रणनीति तय

कांग्रेस ने अपनी रणनीति को और धारदार बनाने के लिए “चतुर्भुज नेतृत्व” मॉडल तैयार किया है। इसके तहत यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह, करन माहरा और गणेश गोदियाल मिलकर आगे की राजनीतिक रणनीति तय करेंगे। पार्टी एक बड़ी प्रदेशव्यापी यात्रा निकालने की योजना भी बना रही है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस अब सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ेगी। “हम सभी एक कार्यकर्ता की तरह संघर्ष करेंगे। अब विपक्ष के कदम रुकेंगे नहीं। बीजेपी का जो असली और घिनौना चेहरा है, उसे जनता के सामने लाना ही हमारा लक्ष्य है।”

कांग्रेस का हमला, बीजेपी बैकफुट पर

हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने भी बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिला पंचायत चुनाव में जिस तरह कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई गईं और कांग्रेस नेताओं पर हमले हुए, उससे साफ है कि पुलिस और प्रशासन सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में हुए किडनैपिंग कांड को भी सरकार की नाकामी करार दिया और आरोप लगाया कि डीएम और एसएसपी तक इसमें शामिल रहे।

सुमित हृदयेश ने कहा कि विधानसभा सत्र में कांग्रेस ने सरकार से इन मुद्दों पर जवाब मांगा, लेकिन सरकार बैकफुट पर आ गई और सत्र समय से पहले ही स्थगित करना पड़ा। अब कांग्रेस ने तय किया है कि इन सभी मुद्दों को लेकर प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

पिछले चुनाव में मिली करारी शिकस्त

गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 में से 47 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। जबकि कांग्रेस को केवल 19 सीटें मिलीं और उसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। बसपा और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 2-2 सीटों पर कब्जा जमाया था। 2022 की हार से सबक लेते हुए कांग्रेस इस बार किसी भी कीमत पर वापसी करना चाहती है।

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