हरिद्वार पुलिस की बड़ी सफलता: साइबर ठगी के शिकार को लौटाए पूरे 14 लाख रुपये

हरिद्वार। साइबर ठगी के मामलों में जहां आमतौर पर पीड़ितों को अपने पैसे वापस पाना बेहद मुश्किल होता है, वहीं हरिद्वार पुलिस की साइबर सेल ने एक सराहनीय कार्य करते हुए 14 लाख रुपये की ठगी के शिकार व्यक्ति की पूरी रकम वापस दिला दी। यह मामला पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता और टीम वर्क का बेहतरीन उदाहरण बन गया है।

कैसे हुआ था धोखा
मामला 27 अगस्त 2024 का है, जब सुमित, निवासी सुनारों वाली गली, बहादराबाद, थाना बहादराबाद पहुंचे और तहरीर दी कि उन्हें ऑनलाइन निवेश का लालच देकर ठग लिया गया। आरोप है कि साइबर ठगों ने “हाईबॉक्स अर्निंग” नामक एक ऐप के माध्यम से ऊंचा मुनाफा देने का झांसा दिया और उनके साथ-साथ उनकी माता के बैंक खातों से कुल 14 लाख रुपये उड़ा लिए।

जांच की बारीकियां
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना बहादराबाद में मुकदमा दर्ज कर केस की जांच साइबर सेल को सौंपी गई। टीम ने मात्र ट्रांजेक्शन आईडी के आधार पर पेमेंट गेटवे और संबंधित बैंक खातों की पहचान की।

  • सबसे पहले संदिग्ध खातों को फ्रीज कराया गया।

  • लेकिन ठगों ने चालाकी दिखाते हुए धनराशि को अन्य अज्ञात खातों में ट्रांसफर कर दिया।

  • पेमेंट गेटवे से जरूरी जानकारी न मिलने पर टीम ने संदिग्ध खातों से जुड़े GST नंबर ट्रैक किए।

  • इसी आधार पर नए बैंक खातों का पता लगाया गया और तुरंत धनराशि को होल्ड कर दिया गया।

धनराशि की वापसी
साइबर सेल और थाना बहादराबाद की संयुक्त कार्रवाई के बाद सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। अंततः धोखाधड़ी से संबंधित पूरी 14 लाख रुपये की रकम पीड़ित परिवार के खाते में वापस जमा करा दी गई।

पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया
अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर पीड़ित परिवार ने हरिद्वार पुलिस और साइबर सेल टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बिना यह संभव नहीं था।

पुलिस का संदेश
हरिद्वार पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह के ऑनलाइन निवेश या लालच भरे ऑफर से सावधान रहें, और संदिग्ध लिंक, ऐप या कॉल के बारे में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।

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