रुद्रपुर। उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में ऊधम सिंह नगर जिले की जसपुर तहसील के अहमदनगर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बनी एक कथित अवैध मजार को प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही तथा बुलडोजर की मदद से निर्माण हटाकर भूमि को सरकारी कब्जे में ले लिया गया।
प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत प्रदेशभर में चलाए जा रहे सरकारी भूमि अतिक्रमण हटाओ अभियान के अंतर्गत की गई। जिलाधिकारी नितिन भदौरिया के निर्देश पर जसपुर के उप जिलाधिकारी राहुल शाह ने क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बने धार्मिक एवं अन्य निर्माणों का सर्वे कराया था। सर्वे के दौरान अहमदनगर में स्थित उक्त मजार सरकारी भूमि पर निर्मित पाई गई।
इसके बाद प्रशासन ने करीब तीन सप्ताह पहले संबंधित स्थल पर नोटिस चस्पा कर संबंधित पक्ष से भूमि स्वामित्व और निर्माण की वैधता से जुड़े दस्तावेज निर्धारित अवधि के भीतर प्रस्तुत करने को कहा था। प्रशासन का कहना है कि तय समय सीमा समाप्त होने तक कोई भी व्यक्ति या संस्था स्वामित्व अथवा निर्माण की वैधता के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
उप जिलाधिकारी राहुल शाह ने बताया कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण के दौरान संरचना के भीतर किसी प्रकार के धार्मिक अवशेष या अन्य सामग्री नहीं मिली। कार्रवाई पूरी होने के बाद राजस्व विभाग ने भूमि को समतल कर पुनः सरकारी अभिलेखों के अनुसार अपने कब्जे में ले लिया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति सरकारी भूमि पर निर्माण करती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सर्वे, नोटिस और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।
प्रदेश सरकार पिछले कई महीनों से सरकारी भूमि पर बने अवैध अतिक्रमण और अवैध धार्मिक ढांचों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस अभियान के तहत अब तक प्रदेशभर में लगभग 600 अवैध धार्मिक संरचनाओं को हटाया गया है तथा करीब 13 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर पुनः सरकारी कब्जे में लिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई अवसरों पर कह चुके हैं कि उत्तराखंड की सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से स्वयं अवैध अतिक्रमण हटाने की अपील करते हुए कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन विधि सम्मत कार्रवाई करेगा। जसपुर में हुई यह कार्रवाई भी प्रदेश में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।