देहरादून |उत्तराखंड में क्रिकेट को नई ऊंचाई देने वाली संस्था क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) में प्रशासनिक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आगामी उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) सीजन-2 के मद्देनज़र यह चुनाव और भी अहम हो गया है, क्योंकि इससे तय होगा कि राज्य के क्रिकेट का संचालन और भविष्य किसके हाथों में होगा।
8 पदों के लिए हो रहा चुनाव, 6 सितंबर को मतदान
CAU में अध्यक्ष, सचिव, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष सहित कुल 8 पदों के लिए आधिकारिक चुनाव प्रक्रिया 29 अगस्त से शुरू हो गई है।
नामांकन की अंतिम तिथि: 30 अगस्त शाम 4 बजे
मतदान की तिथि: 6 सितंबर दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक
परिणाम: उसी दिन शाम 3 बजे तक घोषित कर दिए जाएंगे
यह चुनाव उत्तराखंड क्रिकेट के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है, खासकर UPL-2 के आयोजन की तैयारियों को लेकर।
चुनाव की पूरी समय-सारणी पर एक नज़र:
तिथि
प्रक्रिया
29 अगस्त
नामांकन प्रक्रिया शुरू
30 अगस्त
नामांकन का अंतिम दिन (शाम 4 बजे तक)
31 अगस्त
ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी व नामांकन पत्रों की जांच
31 अगस्त शाम
वैध प्रत्याशियों की सूची जारी
31 अगस्त – 2 सितंबर
नामांकन पर आपत्ति दर्ज करने की अवधि
1 – 3 सितंबर
नाम वापस लेने की अवधि
4 सितंबर
फाइनल मतदाता सूची और प्रत्याशियों की सूची जारी
6 सितंबर
मतदान (12 बजे से 2 बजे तक) और परिणाम (शाम 3 बजे तक)
सी शशांक को मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त
इस चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शिता और निष्पक्षता से संपन्न कराने के लिए मिजोरम के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी सी शशांक को मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ दो सहायक निर्वाचन अधिकारी — वीपी आचार्य और विनोद — भी चुनावी प्रक्रिया में शामिल रहेंगे।
UPL-2 की दिशा तय करेगा यह चुनाव
उत्तराखंड क्रिकेट को व्यवस्थित और व्यावसायिक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए UPL सीजन-1 को क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की पूर्व सचिव महिमा वर्मा के नेतृत्व में बड़े स्तर पर आयोजित किया गया था। उन्होंने स्थानीय खिलाड़ियों को पहली बार एक बड़ा और प्रतिस्पर्धी मंच दिया था।
लेकिन अब, CAU के बायलॉज के अनुसार, महिमा वर्मा अपना अधिकतम कार्यकाल पूरा कर चुकी हैं, इसलिए वह इस बार सचिव पद की दौड़ में नहीं हैं। ऐसे में नए सचिव के सामने सबसे पहली और बड़ी चुनौती UPL-2 का सफल आयोजन होगी।
चुनाव से तय होगी उत्तराखंड क्रिकेट की नई दिशा
उत्तराखंड क्रिकेट अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां व्यवस्थागत बदलाव और पारदर्शी नेतृत्व की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यह चुनाव सिर्फ पदाधिकारी तय करने तक सीमित नहीं, बल्कि यह यह तय करेगा कि राज्य में क्रिकेट के विकास की गति कितनी तेज और सुचारु होगी।
CAU का यह चुनाव उत्तराखंड क्रिकेट के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। नामांकन की प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही अब सबकी निगाहें 6 सितंबर को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं। इन परिणामों से तय होगा कि अगले कुछ वर्षों में क्रिकेट का संचालन, लीग आयोजन और खिलाड़ी विकास की दिशा क्या होगी।