देहरादून/नैनीताल: नैनीताल उच्च न्यायालय के आदेश पर उत्तराखंड में बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन किए गए हैं। उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है, जिसके तहत कई न्यायाधीशों और मजिस्ट्रेट्स को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रमुख तबादले और नियुक्तियां
इंदु शर्मा (तृतीय अपर सिविल न्यायाधीश, वरिष्ठ संभाग, ऊधमसिंह नगर) को अब द्वितीय अपर सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ संभाग), ऊधमसिंह नगर में नियुक्त किया गया।
नेहा कुशावाहा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल का तबादला कर, उनकी जगह अभिषेक कुमार श्रीवास्तव को उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति नैनीताल का सचिव बनाया गया।
नीरज कुमार को इंदु शर्मा की जगह तृतीय अपर सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ संभाग), ऊधमसिंह नगर नियुक्त किया गया।
रवि रंजन, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को नैनीताल में नेहा कुशावाहा के स्थान पर तैनात किया गया।
बीनू गुलयानी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल को अपर सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ संभाग), रुड़की (जिला हरिद्वार) बनाया गया।
शमा परवीन, पंचम अपर सिविल जज (वरिष्ठ संभाग) ऊधमसिंह नगर को चतुर्थ अपर सिविल जज (वरिष्ठ संभाग) ऊधमसिंह नगर बनाया गया।
पदोन्नति प्राप्त अधिकारी
रमेश चंद्र, सिविल जज (जूनियर संभाग), देहरादून को सिविल जज (वरिष्ठ संभाग) संवर्ग में पदोन्नत किया गया।
मीनाक्षी शर्मा, सिविल जज (जूनियर डिविजन) पुरोला (उत्तरकाशी) को भी सीनियर डिविजन कैडर में पदोन्नति दी गई।
अन्य तबादले
शालिनी दादर (भिकियासेन, अल्मोड़ा) को सिविल जज, उत्तरकाशी में नियुक्त किया गया।
सांची अग्रवाल (बाजपुर, ऊधमसिंह नगर) को सिविल जज, डोईवाला (देहरादून) भेजा गया।
शुभांगी गुप्ता (न्यायिक मजिस्ट्रेट-2 हल्द्वानी) को न्यायिक मजिस्ट्रेट-1 हल्द्वानी बनाया गया।
आशीष तिवारी (रुड़की) को अतिरिक्त सिविल जज, खटीमा नियुक्त किया गया।
अवंतिका सिंह चौधरी को उनकी जगह सिविल जज, रुड़की बनाया गया।
विवेक शर्मा (देहरादून) को सिविल जज, पुरोला (उत्तरकाशी) भेजा गया।
उपाधी सिंघल को प्रथम अपर सिविल जज, रुड़की नियुक्त किया गया।
इशांक को प्रथम अपर सिविल जज, देहरादून बनाया गया।
हिना कौसर को द्वितीय अपर सिविल जज, देहरादून बनाया गया।
चमोली के लिए विशेष व्यवस्था
इसके अलावा, उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश, चमोली महीने में एक सप्ताह कर्णप्रयाग (जिला चमोली) में कैंप कोर्ट लगाएँगे, जब तक कि वहां नियमित पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो जाती।