देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने धर्मांतरण, वन भूमि संरक्षण और रोजगार नीति से जुड़े कई अहम निर्णय लेते हुए सख्त कानून लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 26 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें धर्मांतरण कानून को और कड़ा बनाने, वन विभाग की भूमि की सुरक्षा, अग्निवीरों को आरक्षण देने और सूचना प्रौद्योगिकी 2025 की नई नियमावली लागू करने जैसे महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।
धर्मांतरण कानून होगा और कड़ा बैठक में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई। सरकार ने 2023 में धर्मांतरण कानून लागू किया था, जिसमें पहले से ही कड़े प्रावधान मौजूद हैं। लेकिन राज्य में बढ़ते धर्मांतरण के मामलों और जनसंख्या संतुलन पर पड़ने वाले असर को देखते हुए अब इसे और सख्त किया जाएगा। इसमें गैंगस्टर एक्ट जैसी धाराएं जोड़ने और सजा की अवधि बढ़ाने का प्रावधान किया जा सकता है, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने की तैयारी कैबिनेट ने वनीकरण निधि प्रबंधन संशोधन अधिनियम में संशोधन को हरी झंडी दी है। इसके तहत वन विभाग अपनी जमीनों की सीमाएं चिह्नित करने के लिए व्यापक सर्वे करेगा। जहां-जहां अतिक्रमण पाया जाएगा, उसे हटाने के साथ-साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए वन विभाग बाउंड्री वॉल की सुरक्षा भी मजबूत करेगा।
अग्निवीरों को मिलेगा 10% क्षैतिज आरक्षण बैठक में ‘अग्निपथ’ योजना के तहत सेवा दे चुके अग्निवीरों के लिए राज्य की सरकारी सेवाओं में 10% क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को मंजूरी दी गई। यह आरक्षण समूह-ग की वर्दीधारी सेवाओं में लागू होगा। इसके अलावा, अग्निवीरों को भर्ती में आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी, जो उनकी सेवा अवधि के बराबर होगी।
सूचना प्रौद्योगिकी 2025 की नई नियमावली को मंजूरी कैबिनेट ने राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी 2025 की नई नियमावली को भी मंजूरी दे दी है। इससे राज्य में डिजिटल निवेश, आईटी कंपनियों को प्रोत्साहन और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।