हेलीकॉप्टर हादसे पर दुष्यंत गौतम का विवादित बयान बना सियासी तूफान, कांग्रेस हमलावर, बीजेपी बैकफुट पर


उत्तराखंड में हाल ही में केदारनाथ से लौटते समय हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद राज्य भर में शोक की लहर है। इस त्रासदी में 7 लोगों की दुखद मौत हो गई। जहां सरकार और प्रशासन ने दुख जताया, वहीं भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम के एक बयान ने इस गंभीर मसले को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है।

दरअसल, दुष्यंत गौतम का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह पत्रकारों से बातचीत के दौरान हेलीकॉप्टर हादसों पर पूछे गए सवाल के जवाब में बेहद अटपटा और असंवेदनशील बयान देते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा:

“मौतें हो रही हैं तो मृत्यु दर भी चलेगी। दुख तो होता है, लेकिन आप ही लोग अच्छे हेलीकॉप्टर बना दीजिए। गारंटी देकर उड़ाइए, आप तो बहुत महान हैं।”

यह बयान शनिवार को रुड़की में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान दिया गया था। लेकिन इसके अगले ही दिन जब केदारनाथ हादसा हुआ और सात लोगों की मौत की खबर आई, तो यह बयान आग की तरह फैला और लोगों के बीच गुस्से और आक्रोश का कारण बन गया।


कांग्रेस का तीखा हमला

बयान सामने आते ही विपक्ष, खासकर कांग्रेस ने दुष्यंत गौतम पर सीधा निशाना साधा। उत्तराखंड कांग्रेस की वरिष्ठ प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने इस बयान को “शर्मनाक, असंवेदनशील और सत्ता के नशे में डूबा हुआ” बताया। उन्होंने कहा कि जिस समय जनता मृतकों के लिए शोक मना रही हो, उस समय ऐसा गैरजिम्मेदाराना बयान देना भाजपा के नेतृत्व की सोच को दर्शाता है।

“दुर्घटना में मारे गए लोगों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति दिखाने की बजाय ऐसा बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है,” – गरिमा दसौनी


बीजेपी ने ली दूरी, बताया ‘बयान का एक अंश’

मामले के तूल पकड़ने के बाद उत्तराखंड बीजेपी ने भी दुष्यंत गौतम के बयान से दूरी बना ली है। प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने कहा कि यह बयान का केवल एक छोटा हिस्सा है, जिसे कांग्रेस ने तोड़-मरोड़ कर जनता को गुमराह करने के लिए वायरल किया है। उन्होंने कहा:


हेलीकॉप्टर हादसों पर चिंता, लेकिन बयानबाज़ी ने बढ़ाया विवाद

गौरतलब है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में हेलीकॉप्टर सेवाएं चारधाम यात्रा और अन्य दुर्गम इलाकों तक पहुंचने के लिए अहम भूमिका निभाती हैं। मगर लगातार हो रही दुर्घटनाओं से सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन संवेदनशील मसलों पर राजनीतिक बयानबाज़ी जनता में भ्रम और आक्रोश पैदा करती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नेताओं को ऐसी घटनाओं पर बोलते समय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए, खासकर जब मामला जनहानि से जुड़ा हो।


उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर हादसे की पृष्ठभूमि में दुष्यंत गौतम का बयान सियासी तूल पकड़ चुका है। जहां कांग्रेस इसे लेकर सरकार पर हमला बोल रही है, वहीं भाजपा फिलहाल डिफेंसिव मोड में नजर आ रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है, खासकर तब जब चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और हेलीकॉप्टर सेवाओं का दबाव बढ़ा हुआ है।

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