सपेरा बस्ती मे साक्षरता, शिक्षा, पर्यावरण, टीकाकरण आदि का सर्वेक्षण किया

डोईवाला:

शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष आवासीय शिविर के चतुर्थ दिन में स्वयं सेवियों द्वारा शिविर स्थल से नारे लगाते हुए कार्य स्थल सपेरा बस्ती मे सर्वेक्षण कार्य किया जिसमें साक्षरता, शिक्षा, पर्यावरण, टीकाकरण आदि का सर्वेक्षण किया। इससे पूर्व पुरातन स्वमसेवी अंकित टम्टा के द्वारा स्वरोजगार के विषय मे महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। हॉर्टिकल्चरल क्रॉप्स से रोजगार की संभावनाएं।

आज के बौद्धिक सत्र में डॉ एसके कुड़ियाल ने हॉर्टिकल्चरल क्रॉप्स से रोजगार की संभावनाओं पर अपना व्याख्यान दिया। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि हॉर्टिकल्चर क्राप्स से विभिन्न सेक्टर में जैसे गवर्नमेंट सेक्टर, प्राइवेट सेक्टर और सेल्फ एंप्लॉयमेंट में जॉब सिक्योर कर सकते हैं। उन्होंने हॉर्टिकल्चर सेक्टर में फ्लोरीकल्चरिस्ट, ओलेरीकल्चररिस्ट, पोमोलॉजिस्ट, हॉर्टिकल्चरल कंसलटेंट, ग्रीनहाउस मैनेजर,लैंडस्केप आर्किटेक्ट, नर्सरी मैनेजर, हॉर्टिकल्चरल मार्केटर, विटीकल्चरिस्ट,सिल्वीकल्चरिस्ट इत्यादि के बारे में स्वयंसेवियों को विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की। उन्होंने एपीकल्चर एवं मशरूम प्रोडक्शन जिस में मुख्य रुप से बटन मशरूम, डींगरी व पैड़ी स्ट्रॉ मशरूम के बारे में स्वयंसेवकों को बताया।फ्लोरीकल्चर के बारे में उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड में मात्र 3.5% प्रोडक्शन हो रहा है जिसमें की बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। इसमें मुख्य रूप से जरबेरा, ग्लेडियोलस ट्यूब रोज, टयूलिप्स, कारनेशन गुलाब,गेंदा एवं गुलदाउदी की खेती प्रमुख रूप से की जा सकती है। इसके लिए सरकार भी सब्सिडी दे रही है।

बौद्धिक सत्र में डॉ कुरियाल ने हॉर्टी कल्चर के विषय मे विस्तुत जानकारियां दी तथा उसने क्या संभावना हो सकती है यह बताया।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ अंजली वर्मा ने किया , डॉ नूर हस्सन ने अथितियो का स्वागत किया । कार्यक्रम मे रश्मि ममगाई, पवन तिवाड़ी, गुंजन , सोनाली काला, आकांक्षा , दीक्षा , दिव्यांशु , नवनीत, नवीन , मुकुल आदि उपस्थित थे।

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