लोक भवन में ‘यूथ अगेंस्ट करप्शन’ गोष्ठी: राज्यपाल गुरमीत सिंह ने युवाओं से भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाने का आह्वान किया

देहरादून। उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने आज लोक भवन में सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित ‘यूथ अगेंस्ट करप्शन’ विषयक गोष्ठी में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का मुख्य विषय था—भ्रष्टाचार के कारण और उसके निवारण के उपाय। राज्यपाल ने अपने संबोधन में भ्रष्टाचार को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी बाधा बताते हुए इसके खिलाफ सामूहिक और निर्णायक संघर्ष की आवश्यकता पर जोर दिया।

गोष्ठी में पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों, सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षाविदों और बड़ी संख्या में युवाओं ने सक्रिय भागीदारी की। चर्चा के दौरान भ्रष्टाचार के सामाजिक प्रभाव, उसके मूल कारणों तथा समाधान के व्यावहारिक उपायों पर विचार साझा किए गए। युवाओं की भागीदारी, जन-जागरूकता, पारदर्शी शासन व्यवस्था और तकनीक के प्रभावी उपयोग को विशेष महत्व दिया गया।

राज्यपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार केवल एक प्रशासनिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक सोच से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक देने और लेने वाले दोनों की मानसिकता में परिवर्तन नहीं आएगा, तब तक स्थायी सुधार संभव नहीं है। उन्होंने विजिलेंस विभाग और पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच समाज में सकारात्मक चेतना पैदा करते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ई-गवर्नेंस, डिजिटल तकनीक और डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर जैसी व्यवस्थाओं से शासन में पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका कम हुई है। साथ ही, उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में दोषसिद्धि की दर बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि कानून का डर बना रहे।

राज्यपाल ने उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार के खिलाफ बीते वर्षों में की गई सख्त कार्रवाइयों की सराहना की और युवाओं से अपील की कि वे ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने जीवन का मूल मूल्य बनाएं तथा भ्रष्टाचार को न स्वीकार करने का संकल्प लें।

गोष्ठी में जे.एस. पाण्डेय (पुलिस महानिदेशक, सेवानिवृत्त), कुमकुम रानी (न्यायाधीश, सेवानिवृत्त), विपिन चंद्रा (मुख्य सूचना आयुक्त, सेवानिवृत्त), योगेश कुमार देव (सूचना आयुक्त), जे.एस. विर्क (डिप्टी एजे/एडवोकेट, उच्च न्यायालय) और डी.एस. मान (चेयरमैन, दून इंटरनेशनल स्कूल) सहित कई विशिष्ट वक्ताओं ने विचार रखे।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, निदेशक सतर्कता वी. मुरुगेशन, डीआईजी सतर्कता प्रहलाद नारायण मीणा, धीरेन्द्र गुंज्याल सहित अन्य अधिकारी तथा विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक और सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना रहा।

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