रुद्रप्रयाग। प्रदेश में नई शराब दुकानों को लेकर उठे विवाद के बीच महिलाओं का गुस्सा खुलकर सामने आया है। त्रियुगीनारायण गांव की मातृशक्ति ने नशा मुक्ति के संदेश के साथ 12 किलोमीटर लंबी पैदल रैली निकालकर सरकार के फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
त्रियुगीनारायण से सोनप्रयाग तक निकाली गई इस रैली में महिलाओं का उत्साह और आक्रोश साफ दिखाई दिया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ महिलाओं ने न सिर्फ शराब के बढ़ते प्रचलन का विरोध किया, बल्कि समाज को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक भी किया।
महिलाओं का कहना है कि एक ओर सरकार नई शराब दुकानें खोलने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर गांव-गांव में नशे की समस्या बढ़ती जा रही है। इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और परिवारों में भी तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में शराबबंदी की मांग और तेज होती जा रही है।
रैली के दौरान महिलाओं ने विशेष रूप से केदारनाथ यात्रा मार्ग पर अवैध शराब बिक्री पर चिंता जताई। उनका कहना है कि तीर्थयात्रा से जुड़े क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां न केवल आस्था को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि प्रदेश की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। आगामी यात्रा सीजन से पहले प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
रैली का नेतृत्व कर रहीं विशेश्वरी देवी भट्ट ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। उन्होंने युवाओं से इस बुराई से दूर रहने और समाज के सभी वर्गों से इस मुहिम में सहयोग की अपील की।
महिलाओं ने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नशा मुक्ति अभियान को लगातार आगे बढ़ाएंगी और जनजागरूकता फैलाकर समाज को नशामुक्त बनाने के प्रयास जारी रखेंगी। यह रैली न केवल विरोध का प्रतीक बनी, बल्कि एक मजबूत सामाजिक संदेश भी छोड़ गई है।