वंदना कटारिया ने लिया अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास, 15 सालों की शानदार करियर को अलविदा कहा
नई दिल्ली, भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार खिलाड़ी वंदना कटारिया ने मंगलवार को अपने शानदार 15 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को समाप्त करने की घोषणा की।
वह भारत के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली महिला हॉकी खिलाड़ी हैं और इस दौरान उन्होंने 320 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भाग लिया, जिसमें 158 गोल किए। अपने इस कड़े फैसले के बारे में उन्होंने कहा कि यह उनके लिए कड़वा-मीठा और सशक्त बनाने वाला है।
वंदना ने इंस्टाग्राम पर अपनी संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा, “आज भारी लेकिन आभारी दिल के साथ मैं अंतरराष्ट्रीय हॉकी से अपने संन्यास की घोषणा करती हूं। यह एक ऐसा फैसला है जो मेरे लिए कड़वा-मीठा और सशक्त बनाने वाला है।
मैं इसलिए पीछे नहीं हट रही हूं क्योंकि मेरे अंदर की आग फीकी पड़ गई है या मेरी हॉकी की ताकत खत्म हो गई है, बल्कि इसलिए क्योंकि मैं अपने चरम पर पहुंचकर खेल से विदा लेना चाहती हूं, जबकि मैं अभी भी अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर हूं।”
वंदना ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की। वह 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम के हिस्सा थीं, जिसने ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल किया था। इसके अलावा, वह टोक्यो में हैट्रिक बनाने वाली पहली और एकमात्र भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं।
उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए उस मैच को याद करते हुए कहा, “टोक्यो के बारे में सोचकर आज भी मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। वह मैच मेरे जीवन के सबसे भावनात्मक खेलों में से एक था। हैट्रिक से ज्यादा यह बात साबित करने के लिए महत्वपूर्ण था कि हम उस मंच पर खेलने के लायक हैं।”
हालांकि, वंदना ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लिया है, लेकिन वह महिला हॉकी इंडिया लीग में खेलना जारी रखेंगी। उन्होंने कहा, “मैं हॉकी छोड़ नहीं रही हूं।
मैं हॉकी इंडिया लीग और उसके बाद भी खेलती रहूंगी। मैं स्कोर करती रहूंगी और दूसरों को प्रेरित करती रहूंगी। मेरा जुनून कभी कम नहीं होगा।”
वंदना कटारिया की इस यात्रा ने उन्हें प्रतिष्ठित पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार दिलाए। उन्होंने 2016 और 2023 महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी, 2022 FIH हॉकी महिला राष्ट्र कप, 2018 एशियाई खेलों, और 2013 और 2018 एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इसके अलावा, उन्होंने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों, 2014 और 2022 एशियाई खेलों में कांस्य पदक भी हासिल किया।
अपने अंतिम संदेश में उन्होंने कहा, “मैं इस खेल के प्रति अपने प्यार और जूनून को कभी नहीं खोऊंगी। मैं हमेशा हर याद, हर सीख और सभी प्रेम को अपने साथ लेकर चलूंगी। मेरे परिवार का, मेरे प्रशंसकों का और इस खेल से जुड़े सभी लोगों का