“ऊर्जा हब बनने की ओर उत्तराखंड: ऑल इंडिया ऑयल सेक्टर मीट में बोले मुख्यमंत्री धामी – ग्रीन एनर्जी, आत्मनिर्भर भारत और ऊर्जा सुरक्षा हमारी प्राथमिकता”
देहरादून, 28 जून 2025 उत्तराखंड को ऊर्जा हब के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार लगातार अग्रसर है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून स्थित ओएनजीसी कम्युनिटी सेंटर में आयोजित “ऑल इंडिया ऑयल सेक्टर मीट” कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए, भारत की ऊर्जा नीति, राज्य की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, विशेष रूप से उत्तराखंड, इकोलॉजी, इकॉनमी और टेक्नोलॉजी के समन्वय से ग्रीन एनर्जी की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं देश के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत आधार दे रही हैं।
उत्तराखंड में ऊर्जा क्रांति की ओर कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के माध्यम से स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
साथ ही टिहरी, कोटेश्वर, पीपलकोटी, लखवाड़ और विष्णुगाड़ जैसी जल विद्युत परियोजनाएं उत्तराखंड को ऊर्जा उत्पादक राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जियो थर्मल ऊर्जा की भी असीम संभावनाएं हैं, जिस पर राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। यह ऊर्जा के क्षेत्र में भविष्य की सबसे उभरती तकनीकों में से एक है।
ओएनजीसी की भूमिका – भारत की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़
मुख्यमंत्री ने ओएनजीसी की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था देश की ऊर्जा सुरक्षा में मूल स्तंभ के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया:
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देश के कच्चे तेल उत्पादन में 70% और प्राकृतिक गैस उत्पादन में 84% योगदान ओएनजीसी का है।
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इससे भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर प्रेरणा और शक्ति मिल रही है।
ग्रीन एनर्जी और वैकल्पिक स्रोतों पर केंद्रित नीति
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, और बायो-सीएनजी जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने बताया कि:
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पेट्रोलियम भंडारों की स्थापना से ऊर्जा सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।
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वन नेशन, वन ग्रिड के तहत गैस पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।
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गैस वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और जनसुलभ बनाया गया है।
नीतियों और योजनाओं से ऊर्जा क्षेत्र में आया क्रांतिकारी बदलाव
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों का उल्लेख करते हुए कहा:
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उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं ने ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य और सामाजिक क्रांति लाई है।
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तेल और गैस क्षेत्र में निवेश के लिए नई नीतियां लागू की गई हैं।
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विदेशों में भी भारत ने ऊर्जा निवेश बढ़ाया है, जिससे देश की वैश्विक ऊर्जा सहभागिता मजबूत हुई है।