मूसलाधार बारिश से थमा उत्तराखंड, 260 से अधिक सड़कें बंद – कई जिलों में स्कूल आज रहेंगे बंद
देहरादून/नैनीताल: उत्तराखंड में मानसून का कहर लगातार जारी है। पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और अगले तीन घंटों तक ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है।
मौसम विभाग का अलर्ट
तत्कालिक चेतावनी के अनुसार, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टेहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही, कई स्थानों पर गरज और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है।
स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। 2 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। यह आदेश नैनीताल, उधमसिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में लागू होगा।
सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की वजह से राज्यभर में 260 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं। इनमें से:
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लोक निर्माण विभाग (PWD): 4 राष्ट्रीय राजमार्ग, 14 राज्य मार्ग, 69 ग्रामीण मार्ग, कुल 112 सड़कें प्रभावित।
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PMGSY और BRO के अंतर्गत: 157 सड़कें बंद।
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सबसे अधिक प्रभावित जिले: चमोली (58 सड़कें), रुद्रप्रयाग (46 सड़कें), उत्तरकाशी (38 सड़कें)।
नैनीताल जिले में भी हालात गंभीर हैं। शेर नाला और सूर्या नाला के उफान में आने से हल्द्वानी-चोरगलिया-सितारगंज मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा –
“प्रदेशवासियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनें तैनात की गई हैं और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन की अपील
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नदी-नालों के किनारे न जाएं।
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खराब मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा न करें।
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आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहें।
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किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।