उत्तराखंड बार काउंसिल चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न, 20 फरवरी से शुरू होगी मतगणना
नैनीताल। उत्तराखंड बार काउंसिल के चुनाव मंगलवार को प्रदेश भर में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गए। 23 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए 104 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनके लिए 14,809 अधिवक्ताओं को मतदान करना था। इसके लिए पूरे राज्य में 31 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। अब सभी की नजरें 20 फरवरी से शुरू होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जो 4–5 दिन तक चलने की संभावना है।

हाईकोर्ट समेत सभी बूथों पर शांतिपूर्ण मतदान
उत्तराखंड उच्च न्यायालय में बनाए गए मतदान केंद्र पर भी अधिवक्ताओं ने उत्साह के साथ वोट डाले।
-
यहां 1,303 पंजीकृत मतदाताओं में से 970 ने मतदान किया।
-
पूरी प्रक्रिया न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी और पुलिस सुरक्षा में सम्पन्न हुई।
बार काउंसिल के प्रभारी सचिव विजय सिंह ने चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्रों से अंतिम मतदान प्रतिशत का आंकड़ा अभी प्राप्त होना बाकी है, लेकिन अधिवक्ताओं की भागीदारी उत्साहजनक रही।
20 फरवरी से नैनीताल में काउंटिंग
प्रदेश भर के सभी मतपत्र नैनीताल स्थित राज्य अतिथि गृह में सुरक्षित रखे जाएंगे। यहीं पर 20 फरवरी से मतगणना शुरू होगी। परिणाम आने में चार से पांच दिन लग सकते हैं।
देहरादून में सबसे ज्यादा मतदाता
प्रदेश में सबसे अधिक अधिवक्ता देहरादून में पंजीकृत रहे। प्रमुख स्थानों पर मतदाताओं की संख्या इस प्रकार रही—
कुमाऊं मंडल
-
अल्मोड़ा – 301
-
रानीखेत – 69
-
बागेश्वर – 89
-
पिथौरागढ़ – 181
-
डीडीहाट – 37
-
चंपावत – 62
-
टनकपुर – 24
-
नैनीताल – 1,303
-
हल्द्वानी – 1,092
-
रामनगर – 115
गढ़वाल मंडल
-
देहरादून – 5,007
-
ऋषिकेश – 423
-
हरिद्वार – 1,026
-
रुड़की – 1,246
-
लक्सर – 283
-
पौड़ी – 110
-
कोटद्वार – 224
-
श्रीनगर – 56
-
चमोली – 131
-
कर्णप्रयाग – 46
-
थराली – 28
-
रुद्रप्रयाग – 63
-
टिहरी – 181
-
कीर्तिनगर – 09
-
उत्तरकाशी/पुरोला – 112
तराई क्षेत्र
-
ऊधम सिंह नगर – 857
-
बाजपुर – 202
-
काशीपुर – 84
-
खटीमा – 285
अधिवक्ताओं में दिखा उत्साह
राज्य भर के अधिवक्ताओं ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई स्थानों पर सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। शांतिपूर्ण माहौल में हुए इस चुनाव को बार काउंसिल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नई कार्यकारिणी आने वाले वर्षों में अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े अहम निर्णय लेगी।
