देहरादून: उत्तराखंड के ऊर्जा विभाग में एक तृतीय श्रेणी कर्मचारी को प्रबंध निदेशक बनाए जाने के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने इसे शासन-प्रशासन की साख पर करारा तमाचा बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले में जुगाड़, हेराफेरी, भ्रष्टाचार और सुनियोजित षड्यंत्र की आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
मंगलवार को जारी अपने बयान में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह सिर्फ एक अनियमित पदोन्नति का मामला नहीं है, बल्कि इससे साफ होता है कि ऊर्जा विभाग योग्यता, अनुभव और नियमों के आधार पर नहीं बल्कि राजनीतिक संरक्षण, साठगांठ और मिलीभगत के दम पर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि ऊर्जा विभाग में नियमों को दरकिनार कर शीर्ष पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं। इसका सीधा असर राज्य की ऊर्जा परियोजनाओं पर पड़ रहा है, जिससे कई योजनाएं लटक रही हैं, उनकी लागत लगातार बढ़ रही है और वित्तीय अनुशासन पूरी तरह से ध्वस्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन फैसलों का खामियाजा अंततः प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि बिना उच्चाधिकारियों, प्रभावशाली नौकरशाहों और राजनीतिक संरक्षण के कोई तृतीय श्रेणी कर्मचारी सीधे प्रबंध निदेशक की कुर्सी तक कैसे पहुंच सकता है। यह अपने आप में गंभीर जांच का विषय है और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं में पिछले कुछ वर्षों से चल रही निविदा प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव, लागत में असामान्य वृद्धि, मनमाने वित्तीय निर्णय और संदिग्ध ठेकों के आवंटन जैसे कई गंभीर आरोप पहले से ही विभाग पर लगते रहे हैं। ऐसे में यह आशंका और गहरी हो जाती है कि कहीं इन सबकी डोर किसी संरक्षण तंत्र से तो नहीं जुड़ी है।
यशपाल आर्या ने सरकार से मांग की है कि संबंधित कर्मचारी की नियुक्ति से लेकर प्रबंध निदेशक बनने तक की पूरी सेवा यात्रा की न्यायिक या उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और कार्मिक विभाग की भूमिका की विस्तृत पड़ताल की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस अवधि में लिए गए सभी बड़े वित्तीय और नीतिगत निर्णयों का विशेष ऑडिट कराया जाना चाहिए और जो भी अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति इस मामले में दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता और सुशासन में विश्वास रखती है तो उसे समयबद्ध जांच की घोषणा करनी चाहिए। अन्यथा यह माना जाएगा कि सरकार ने भ्रष्टाचार पर मौन सहमति दे दी है।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद ऊर्जा विभाग की कार्यप्रणाली, नियुक्ति प्रक्रिया और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर प्रदेश की सियासत में नई बहस छिड़ गई है। अब सबकी नजर सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित जांच पर टिकी हुई है।
sm88game.com – Official Platform Bangladesh – বাংলাদেশের বিশ্বস্ত অনলাইন গেমিং প্ল্যাটফর্ম – SEO SOYO
sm88bet.org – Official Bangladesh Login, App & Download Hub - SEO SOYO
SM88 – বাংলাদেশে BD Players দের জন্য Official Online Gaming Platform – SEO SOYO
SM88 - বাংলাদেশের বিশ্বস্ত অনলাইন গেমিং প্ল্যাটফর্ম - SEO SOYO
SM88 - Premier Online Gaming in Bangladesh - SEO SOYO
CK444 – Instant Login, App Download & Live Casino Access (BD) – SEO SOYO
CV666 হলো বাংলাদেশের জন্য তৈরি একটি অফিসিয়াল অনলাইন গেমিং ও ক্যাসিনো প্ল্যাটফর্ম। এখানে নিরাপত্তা, সহজ ব্যবহার এবং সংগঠিত ফিচারের উপর গুরুত্ব দেওয়া হয়।cv666a.com CV666 Official Online Gaming Platform in Bangladesh – SEO SOYO