देहरादून में गूंजा ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश – पंकज त्रिपाठी ने किया श्रोत महोत्सव का शुभारंभ

देहरादून: परेड ग्राउंड में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और लोक शिल्प को समर्पित ‘श्रोत महोत्सव 2025’ का रंगारंग शुभारंभ हुआ। सात दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन का उद्घाटन बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ मुहिम को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए देहरादून की जनता से स्थानीय उत्पादों और हस्तनिर्मित वस्तुओं को अपनाने की अपील की।

पंकज त्रिपाठी ने कहा, “आज जरूरत इस बात की है कि हम मशीनों से नहीं, बल्कि अपने कारीगरों के हाथों से बनी चीजों को अपने जीवन में स्थान दें। हस्तनिर्मित वस्तुओं को अपनाकर हम न केवल अपनी संस्कृति को जीवित रख सकते हैं, बल्कि लाखों कारीगरों को भी सम्मानजनक आजीविका दे सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प और हैंडलूम से जुड़े कारीगर हमारे देश की असली ताकत हैं। यदि लोग स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो इससे कारीगरों के कौशल विकास और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

लोक संस्कृति की झलक से सजा उद्घाटन समारोह

महोत्सव के उद्घाटन समारोह की शुरुआत जौनसारी लोक गीतों से हुई, जिसने पूरे परिसर को लोकधुनों से गुंजायमान कर दिया। इसके बाद राजस्थान के प्रसिद्ध लोक गायक पद्मश्री अनवर खान की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कारीगरों और कलाकारों का संगम

‘श्रोत महोत्सव 2025’ में देशभर के 100 से अधिक कारीगर, कलाकार और स्वयं सहायता समूह भाग ले रहे हैं। पारंपरिक हथकरघा, जनजातीय शिल्प, आभूषण, मिट्टी के बर्तन, और गृह सज्जा के सामानों का भव्य प्रदर्शन यहां मुख्य आकर्षण है।
तारा जोशी फाउंडेशन की सचिव किरन जोशी ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और हस्तनिर्मित उत्पादों को नया मंच देना है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और कार्यशालाएं

पूरे सप्ताह दर्शक विभिन्न लोक एवं फ्यूजन संगीत कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे। रूहान भारद्वाज, विक्की चौहान और भक्त चरण सिंह चौधरी जैसे कलाकार पारंपरिक ढोल-दमाऊ की थाप पर अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
युवाओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, वैदिक गणित, और ओपन माइक पोएट्री जैसी कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।

डांडिया नाइट और भव्य समापन

लोक संस्कृति के उत्सव में आधुनिकता का तड़का लगाने के लिए गरबा और डांडिया नाइट्स का भी आयोजन किया जाएगा।
13 अक्टूबर को भव्य समापन समारोह होगा, जिसमें गीता धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वह महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर अपने विचार साझा करेंगी और देशभर से आए कारीगरों व प्रतिभागियों को सम्मानित करेंगी।

महोत्सव का उद्देश्य

‘श्रोत महोत्सव’ का मुख्य उद्देश्य है—

  • पारंपरिक कला, शिल्प और संस्कृति को नया जीवन देना

  • स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना

  • युवाओं को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रेरित करना

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