सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: सती मिष्ठान समेत 11 प्रतिष्ठानों पर ₹2.35 लाख का भारी जुर्माना
खुले में बिक्री, बिना लाइसेंस कारोबार और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई
नैनीताल। जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नैनीताल जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम–2006 के तहत निस्तारित मामलों में 11 व्यक्तियों व प्रतिष्ठानों पर कुल ₹2.35 लाख (दो लाख पैंतीस हजार रुपये) का अर्थदंड लगाया है।
यह कार्रवाई जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और वैधानिक मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ की गई है।
जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई जांच में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिनमें शामिल हैं—
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बिना लाइसेंस के खाद्य कारोबार का संचालन
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खुले में मछली और अन्य खाद्य सामग्री की बिक्री
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धूल-मिट्टी, मक्खियों और कीटों से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं
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एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री का भंडारण व उपयोग
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स्वच्छता मानकों का खुलेआम उल्लंघन
प्रशासन ने इन कमियों को जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए कठोर कार्रवाई की।
इन प्रतिष्ठानों पर लगाया गया जुर्माना
कार्रवाई की जद में आए प्रमुख प्रतिष्ठान व व्यक्ति इस प्रकार हैं—
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सती मिष्ठान भंडार, हल्द्वानी – ₹25,000
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कृष्णा हॉस्पिटल क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठान/व्यक्ति – ₹25,000
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रस्तोगी जलपान गृह, रामनगर – ₹25,000
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कमल नाथ ढाबा, नैनीताल – ₹20,000
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वाईएमसीए कैंपसाइट, सत्ताल – ₹20,000
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जफर फिश शॉप सहित अन्य मांस-मछली विक्रेता – ₹20,000 प्रति मामले
इसके अलावा अन्य मामलों में ₹15,000 से ₹25,000 तक का अर्थदंड लगाया गया।
प्रशासन का साफ संदेश: नियम तोड़ने वालों पर होगी और सख्ती
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सीधे आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी है और इसमें लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता से अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि—
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केवल लाइसेंसशुदा और स्वच्छ प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें
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किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दिखने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें