स्टिंग कांड फिर सुर्खियों में: पूर्व CM हरीश रावत को सीबीआई का नोटिस, चुनावी मौसम में राजनीतिक हलचल तेज
देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति का सबसे चर्चित और विवादित मामला—2016 का स्टिंग ऑपरेशन कांड—एक बार फिर चर्चा में आ गया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत को इस मामले में सीबीआई ने ताज़ा नोटिस भेजा है।
हरीश रावत ने नोटिस मिलने की पुष्टि की और सोशल मीडिया पर तंज भरे अंदाज में कहा कि “जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, सीबीआई को मेरी याद आ जाती है।”
क्या है पूरा मामला?
मार्च 2016 में हरीश रावत मुख्यमंत्री थे। तभी एक वीडियो सामने आया, जिसमें कथित रूप से वे विधायकों से सत्ता बचाने की बातचीत करते दिखाई दिए।
इस वीडियो ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया था।
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उस समय कांग्रेस में बगावत हुई थी।
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कई विधायक दल-बदल कर गए।
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उत्तराखंड में राजनीतिक संकट खड़ा हो गया।
इस विवादित वीडियो की जांच 2019 में सीबीआई को सौंपी गई। तब से यह मामला समय-समय पर नोटिस और पूछताछ के चलते सुर्खियों में आता रहा है।
हरीश रावत की प्रतिक्रिया
सीबीआई के नोटिस पर हरीश रावत ने X (ट्विटर) पर लिखा:
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“लंबे समय बाद सीबीआई को मेरी याद आई है।”
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“जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, मुझे नोटिस मिलता है।”
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“मैं तो कहता हूं कि अब मुझमें ताकत नहीं बची, लेकिन सरकार और सीबीआई को शायद अब भी मुझमें ताकत दिखती है।”
उन्होंने कहा कि नोटिस में दी गई तारीख उनके लिए सुविधाजनक नहीं है, लेकिन अक्टूबर में जब भी बुलाया जाएगा, वे पेश होने को तैयार हैं।
आगे की प्रक्रिया
सीबीआई अब हरीश रावत के बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
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एजेंसी तय करेगी कि वे किस तारीख को पेश होंगे।
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उनसे वीडियो, गवाहों और साक्ष्यों को लेकर पूछताछ हो सकती है।
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ज़रूरत पड़ने पर आगे और समन जारी किए जाएंगे।
राजनीतिक मायने
यह नोटिस ऐसे समय आया है जब प्रदेश में चुनावी हलचल शुरू हो रही है।
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विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है।
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ruling camp का कहना है कि “कानून अपना काम कर रहा है।”