खनन पर मचा सियासी भूचाल: विधायक अरविंद पांडे ने दी राज्य छोड़ने की धमकी, कहा -‘भाजपा नेता खनन के लिए नहीं बना’
देहरादून उत्तराखंड में इन दिनों खनन घोटाला एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। इस बार किसी विपक्षी दल ने नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ भाजपा के ही वरिष्ठ विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने प्रदेश में हो रहे अवैध खनन को लेकर जोरदार हमला बोला है। पांडे ने अपने ही क्षेत्र गदरपुर में कथित तौर पर हो रहे अवैध खनन को लेकर ऐसी गंभीर टिप्पणियां की हैं, जिसने प्रदेश सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
300 एकड़ ज़मीन 60 फीट गहरी खोदी गई, 2 किमी तक फैली नदी: पांडे के आरोप
अरविंद पांडे का कहना है कि उनके क्षेत्र में 300 एकड़ भूमि को 60-60 फीट गहराई तक खोदा जा चुका है, और वहीं पर एक 200 मीटर चौड़ी नदी को 2 किलोमीटर चौड़ा कर दिया गया है। सबसे बड़ा आरोप यह है कि जहां खनन पट्टे तक स्वीकृत नहीं हैं, वहां भी भारी मशीनों से व्यापक स्तर पर खनन कराया गया है।
उन्होंने कहा —
“यह सब मैं हवा में नहीं कह रहा हूं। मेरे पास इस अवैध खनन के पक्के सबूत हैं। अगर मैं इन्हें साबित न कर सका, तो न कभी चुनाव लड़ूंगा, न ही उत्तराखंड में रहूंगा।”
शिकायतकर्ताओं पर कार्रवाई, प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप
पांडे ने यह भी कहा कि जब स्थानीय ग्रामीणों ने DM और SSP से शिकायत की, कि क्षेत्र में दिन-रात भारी मशीनों से खनन किया जा रहा है, तो प्रशासन ने कार्यवाही करने की बजाय उन्हीं पर मुकदमा दर्ज करा दिया।
“ग्रामीण रो-रो कर कह रहे थे — ‘हमें बचा लीजिए, हम उजड़ जाएंगे।’ लेकिन अफसोस, आवाज़ उठाने वालों को ही दबा दिया गया,” पांडे ने दुख व्यक्त करते हुए कहा।
राजनीति छोड़ने की चेतावनी, संघ से जुड़ाव का किया उल्लेख
अरविंद पांडे ने खनन के मुद्दे पर अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए साफ शब्दों में कहा:
“मैं भाजपा में खनन कराने के लिए नहीं आया हूं। मैं संघ का स्वयंसेवक हूं। यदि इस मुद्दे पर मैं झूठा साबित हुआ, तो राजनीति और प्रदेश दोनों छोड़ दूंगा।”