विश्व दिव्यांगजन दिवस पर हल्द्वानी में राज्य स्तरीय दक्षता सम्मान समारोह, मुख्यमंत्री धामी ने 41 प्रतिभाओं को किया सम्मानित—कहा, “आप समाज के दिव्य-अंग हैं”

हल्द्वानी में विश्व दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर हुए राज्य स्तरीय दिव्यांग दक्षता पुरस्कार समारोह में बुधवार का दिन प्रेरणा, संवेदनशीलता और उत्साह से भर गया। एमबीपीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यभर से आए 41 दिव्यांग प्रतिभाओं को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी को पुरस्कार राशि, मेडल, प्रशस्ति पत्र और मानपत्र प्रदान करते हुए कहा कि यह दिवस केवल एक कार्यक्रम भर नहीं, बल्कि उन वीर व्यक्तियों का अभिनंदन है जो शारीरिक चुनौतियों के बावजूद असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कर समाज को नई दिशा देते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने सम्बोधन में कहा कि “दिव्यांगता शरीर में हो सकती है, सपनों में नहीं”, और हमारे राज्य के दिव्यांगजन अपने संकल्प और साहस से हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। उन्होंने भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर, इंग्लिश चैनल पार करके इतिहास रचने वाले सत्येंद्र सिंह लोहिया, और बिना हाथों के विश्व पैरा तीरंदाजी चैंपियन बनीं शीतल देवी जैसी हस्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके जीवन संघर्ष और उपलब्धियाँ हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में भारतीय दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम द्वारा कोलंबो में टी-20 ब्लाइंड वूमेन वर्ल्ड कप–2025 जीतने पर भी गर्व व्यक्त किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रहीं विभिन्न पहलों और सुविधाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों को समान अवसर, सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नए भवनों, अस्पतालों, बस अड्डों और सार्वजनिक स्थलों में दिव्यांगजन-अनुकूल डिजाइन अनिवार्य किए गए हैं, जबकि पुराने भवनों में भी सुगम्यता के लिए आवश्यक परिवर्तन किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून स्थित आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय को ऑनलाइन सुनवाई सुविधा से जोड़ा गया है, ताकि किसी भी दिव्यांगजन को अपने अधिकारों के लिए दूर-दराज न जाना पड़े। साथ ही ऊधमसिंह नगर में मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए पुनर्वास गृह का निर्माण किया गया है, और देहरादून में राज्य का पहला “प्रधानमंत्री दिव्यांशा केंद्र” भी शुरू किया गया है।

उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों के लिए बढ़ाई गई मासिक पेंशन, छात्रवृत्ति, रोजगार में आरक्षण वृद्धि, सिविल सेवा परीक्षा की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग, कृत्रिम अंगों के लिए सहायता, दिव्यांग जनों से विवाह पर प्रोत्साहन राशि और जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली एकीकृत सेवाओं को राज्य सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार व्यापक दिव्यांग सर्वेक्षण भी शुरू किया गया है, जिससे उनकी वास्तविक संख्या और आवश्यकताओं का वैज्ञानिक आकलन संभव हो सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से विशेष अपील की कि वे अपने नवाचारों और तकनीकी आविष्कारों में दिव्यांगजनों की जरूरतों को प्रमुखता दें। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के माध्यम से दिव्यांगजनों के जीवन को और सुगम बनाने के लिए युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने वाले युवाओं को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

समारोह में 41 दिव्यांग प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने प्रत्येक विजेता से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि उनका संघर्ष और सफलता पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया गया, जिनमें देहरादून में ₹905.13 लाख की लागत से बनने वाले आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय सहित बहुउद्देशीय कार्यालय भवन का शिलान्यास और नैनीताल स्थित प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र (एलिम्को) का उद्घाटन शामिल रहा।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, मेयर गजराज बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या और राम सिंह कैड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। भाजपा प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री सुरेश भट्ट, सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अदांगी, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी और बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं आम नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

हल्द्वानी में आयोजित यह भव्य समारोह केवल सम्मान का मंच नहीं, बल्कि यह संदेश भी था कि उत्तराखंड सरकार दिव्यांगजन कल्याण के लिए संवेदनशील और संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी और दिव्यांग प्रतिभाओं के प्रति उनके शब्दों ने कार्यक्रम को और भी अधिक प्रेरणादायी बना दिया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

https://www.breaknwaves.com/jet_skis_boat_rentals.html