देहरादून। परिवहन विभाग में नियमों को लेकर सख्ती का एक अहम उदाहरण सामने आया है। आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने एआरटीओ प्रशासन चक्रपाणी मिश्र के उपयोग में चल रहे एक अनुबंधित वाहन का रोड टैक्स समय पर जमा न होने पर चालान काट दिया। इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि नियमों के मामले में कोई भी अधिकारी या वाहन अपवाद नहीं है।
जानकारी के मुताबिक पिंटू कुमार के नाम से अनुबंधित बुलेरो वाहन (यूके 07 टीई 1818) एआरटीओ प्रशासन के उपयोग में था। रिकॉर्ड जांच में सामने आया कि वाहन का रोड टैक्स केवल दिसंबर तक जमा किया गया था, जबकि 15 जनवरी तक टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि तय थी। तय समयसीमा के बाद भी टैक्स जमा न होने को मोटरयान अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए आरटीओ प्रशासन ने तुरंत चालान की कार्रवाई की।
रिकॉर्ड जांच में खुली चूक
आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने वाहन की पूरी डिटेल (रिकॉर्ड/कुंडली) खंगाली, जिसमें टैक्स भुगतान में देरी स्पष्ट हुई। इसके बाद बिना किसी दबाव के नियमानुसार चालान किया गया। विभाग की ओर से कहा गया कि सरकारी काम में उपयोग हो रहे वाहनों पर भी वही नियम लागू होते हैं, जो आम नागरिकों पर।
पेनल्टी की चेतावनी
आरटीओ प्रशासन ने वाहन स्वामी को निर्देश दिया है कि बकाया टैक्स के साथ जुर्माना समय पर जमा किया जाए। देरी होने की स्थिति में मोटरयान अधिनियम के तहत अतिरिक्त पेनल्टी और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
अन्य अनुबंधित वाहनों की भी जांच शुरू
इस घटना के बाद परिवहन विभाग में चल रहे अन्य अनुबंधित वाहनों की भी जांच शुरू कर दी गई है। विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी वाहनों के रोड टैक्स, फिटनेस, बीमा और अन्य वैधानिक दस्तावेज पूरी तरह अपडेट हों।
साफ संदेश: नियम सबके लिए समान
आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने कहा कि रोड टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी थी, लेकिन लापरवाही बरती गई। उन्होंने स्पष्ट किया, “मोटरयान अधिनियम का उल्लंघन करने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं।”