“अंकिता भंडारी केस में नया मोड़: उर्मिला सनावर का दूसरा ऑडियो वायरल, वीआईपी नामों को लेकर बढ़ी सियासी हलचल”

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी नामों को लेकर उठे विवाद ने एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज कर दी है। उर्मिला सनावर के बयान दर्ज होने के बाद सामने आए दूसरे ऑडियो क्लिप ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ा दी है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी चर्चाओं को नई धार दे दी है।

देहरादून के नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थानों की संयुक्त पुलिस टीमों ने उर्मिला सनावर से अलग-अलग बिंदुओं पर गहन पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पूरे घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू को रिकॉर्ड पर लाने के लिए ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की गुंजाइश न रहे।

इसी बीच, देहरादून पहुंचने के बाद उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के बीच हुई कथित बातचीत का एक और ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि यह दूसरा ऑडियो बयान दर्ज कराने के कुछ ही घंटों बाद सामने आया, जिससे मामले ने अचानक नया मोड़ ले लिया। उर्मिला सनावर ने भी पुलिस को एक ऑडियो क्लिप सौंपी है, जिसे उन्होंने सुरेश राठौर से जुड़ी बातचीत का हिस्सा बताया है। पुलिस अब इस ऑडियो की फोरेंसिक और तकनीकी जांच कराने की तैयारी में है, ताकि उसकी प्रामाणिकता, रिकॉर्डिंग का समय और संदर्भ स्पष्ट हो सके।

सूत्रों के अनुसार, दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों—एक आईपीएस और एक महिला एएसपी—ने करीब दो घंटे तक उर्मिला सनावर से पूछताछ की। इस दौरान वायरल ऑडियो, कथित वीआईपी नामों और पूरे प्रकरण की टाइमलाइन पर विस्तार से सवाल-जवाब किए गए। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ऑडियो सार्वजनिक होने के पीछे किसी साजिश की भूमिका तो नहीं है।

हाईकोर्ट में सुनवाई, गिरफ्तारी पर रोक बरकरार

बयान दर्ज कराने के बाद उर्मिला सनावर एसएसपी कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने एसएसपी अजय सिंह को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अपनी सुरक्षा की मांग की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी ने एलआईयू को पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

उधर, कथित वीडियो और ऑडियो वायरल करने से जुड़े मामलों में उत्तराखंड हाईकोर्ट में लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने सुरेश राठौर के खिलाफ दर्ज दो अन्य मामलों में भी उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को आगे बढ़ा दिया है। उल्लेखनीय है कि हरिद्वार जिले के झबरेड़ा और बहादराबाद, साथ ही देहरादून के नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थानों में राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं।

साजिश के आरोप और बढ़ती जटिलता

उर्मिला सनावर को देहरादून लाने वाले स्वामी दर्शन भारती ने दावा किया कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से पूछताछ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेश राठौर ने उर्मिला पर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के खिलाफ बयान देने का दबाव बनाया था। हालांकि, उन्होंने सजा के फैसले के बाद ऑडियो सामने आने को किसी साजिश से जोड़ने से इनकार किया है।

कुल मिलाकर, अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा यह नया घटनाक्रम जांच को और अधिक जटिल बनाता नजर आ रहा है। अब वायरल ऑडियो की फोरेंसिक रिपोर्ट, एलआईयू की जांच और अदालत की आगामी सुनवाइयों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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