मुनस्यारी के सरकारी स्कूल ने रचा इतिहास, 9 NCC कैडेट्स एक साथ भारतीय सेना में चयनित

Munsiyari के दूरस्थ क्षेत्र स्थित Government Inter College Bansbagad ने इस वर्ष एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया है। विद्यालय के 9 एनसीसी कैडेट्स का एक साथ भारतीय सेना में चयन हुआ है। सीमांत और दुर्गम क्षेत्र के इस सरकारी विद्यालय की सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

सीमित संसाधनों के बीच बड़ी कामयाबी

Government Inter College Bansbagad, तेजम तहसील के दुर्गम इलाके में स्थित है, जहां आज भी शिक्षा और रोजगार के अवसर सीमित माने जाते हैं। ऐसे क्षेत्र से एक साथ 9 युवाओं का सेना में चयन होना स्थानीय लोगों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

विद्यालय के एनसीसी प्रभारी Rajiv Kashyap ने बताया कि एनसीसी कैडेट्स को इस बार भर्ती प्रक्रिया में 10 से 20 बोनस अंक का लाभ मिला, जिससे युवाओं के चयन में मदद मिली। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले ही विद्यालय में एनसीसी इकाई शुरू की गई थी और अब उसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा बना विद्यालय

विद्यालय के प्रधानाचार्य Pradeep Prasad ने चयनित कैडेट्स और एनसीसी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि ये युवा भविष्य में देश सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

भारतीय सेना में चयनित हुए 9 कैडेट्स

भारतीय सेना में चयनित होने वाले कैडेट्स के नाम इस प्रकार हैं—

  • लक्की सिंह बसेड़ा

  • महेश सिंह पंवार

  • चन्द्रमोहन सिंह बसेड़ा

  • हिमांशु शाही

  • दीपक सिंह धामी

  • मनोज सिंह बिष्ट

  • रमेश सिंह बसेड़ा

  • देवराज सिंह बिष्ट

  • दीपक सिंह

ग्रामीणों और शिक्षकों में खुशी की लहर

इस उपलब्धि पर पीटीए अध्यक्ष अमृता, सीआरसी समन्वयक Jagdish Saklani समेत विद्यालय के शिक्षकों और ग्रामीणों ने खुशी जताई। लोगों का कहना है कि सीमांत क्षेत्रों के युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

सीमांत क्षेत्र के युवाओं में बढ़ा उत्साह

Tejam और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इस सफलता के बाद युवाओं में सेना भर्ती को लेकर नया उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि ऐसे विद्यालयों में खेल, एनसीसी और प्रतियोगी तैयारी की सुविधाएं बढ़ाई जाएं तो आने वाले समय में और भी युवा देश सेवा के लिए आगे आ सकते हैं।

यह उपलब्धि केवल एक स्कूल की सफलता नहीं, बल्कि पहाड़ के युवाओं के जज्बे, संघर्ष और देशभक्ति की मिसाल बन गई है।

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