देवभूमि को ड्रग-फ्री बनाने की बड़ी पहल: दून पुलिस का निजी शिक्षण संस्थानों में औचक छापा, 200 छात्रों का ड्रग टेस्ट, सभी की रिपोर्ट नेगेटिव
देहरादून। मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” के संकल्प को साकार करने के लिए दून पुलिस ने शनिवार को एक और सख्त और प्रभावी कदम उठाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देशों पर “ड्रग्स फ्री कैंपस” अभियान के तहत प्रेमनगर और क्लेमेंटाउन क्षेत्र स्थित निजी शिक्षण संस्थानों में पुलिस, प्रशासन और चिकित्सकों की संयुक्त टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण किया।
200 छात्रों का मौके पर रेंडम ड्रग टेस्ट, सभी रिपोर्ट नेगेटिव
अभियान के तहत टीम ने कैंपस में मौजूद छात्रों में से 100-100 स्टूडेंट्स के रेंडम यूरिन सैंपल लेकर ड्रग टेस्ट किट के माध्यम से परीक्षण किया। खुशी की बात यह रही कि सभी 200 छात्रों की रिपोर्ट नेगेटिव मिली।
इससे पहले भी जिले के विभिन्न संस्थानों में पढ़ रहे 227 छात्र-छात्राओं का मेडिकल टेस्ट पुलिस द्वारा कराया जा चुका है।
कन्सेंट फॉर्म/शपथ पत्र दोबारा भरवाए गए
निरीक्षण के दौरान सभी छात्रों से पुनः कन्सेंट फॉर्म और शपथ पत्र भरवाए गए, जिसमें यह उल्लेख था कि वे किसी भी प्रकार का नशा नहीं करते और भविष्य में भी नशे से दूर रहने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी छात्र पर नशे का सेवन करते हुए पाया जाता है, तो छात्र और संबंधित शिक्षण संस्थान दोनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कैंपस में जागरूकता—नशे के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा
औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने शिक्षण संस्थानों में मौजूद छात्रों को
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नशे के गंभीर दुष्परिणाम
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ड्रग्स की लत से होने वाले मानसिक और शारीरिक नुकसान
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नशा तस्करी के दंडात्मक प्रावधान
के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
छात्रों को प्रोत्साहित किया गया कि वे अपने दोस्तों एवं परिवार को भी नशे से बचने के लिए जागरूक करें।