रुद्रपुर। किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के पुत्र और नगर पार्षद सौरभ बेहड़ पर कथित जानलेवा हमले के मामले का पुलिस द्वारा खुलासा होने के बाद उत्तराखंड की सियासत में भूचाल आ गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे घटनाक्रम की साजिश खुद सौरभ बेहड़ ने ही रची थी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोल दिया है।
किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला इस मामले को लेकर खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने कांग्रेस और उसके नेताओं पर सरकार और प्रदेश की कानून व्यवस्था की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया। राजेश शुक्ला ने कहा कि घटना के बाद कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रदेश में कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने का माहौल बनाया गया, लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई सामने आने के बाद अब वही नेता सवालों के घेरे में खड़े हैं।
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि पूरे प्रकरण में किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ लगातार पुलिस प्रशासन से असली हमलावरों की गिरफ्तारी और उनके पीछे मौजूद “आका” का नाम उजागर करने की मांग कर रहे थे। लेकिन जब यह स्पष्ट हो गया कि हमला किसी और ने नहीं बल्कि खुद उनके बेटे ने साजिश के तहत कराया था, तो यह कांग्रेस के लिए आईना देखने जैसा है।
पिता ने जताई थी सार्वजनिक नाराजगी
पुलिस खुलासे से पहले ही विधायक तिलक राज बेहड़ ने एक प्रेस वार्ता कर अपने बेटे की हरकत पर गहरी नाराजगी और शर्मिंदगी जाहिर की थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनके बेटे सौरभ बेहड़ ने उन्हें समाज और राजनीति दोनों के सामने शर्मसार किया है। विधायक ने यहां तक कहा था कि वह इस कृत्य के लिए अपने बेटे को जीवन भर माफ नहीं करेंगे। उनके इस बयान के बाद मामला और भी अधिक सुर्खियों में आ गया था।
राजेश शुक्ला ने पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस द्वारा उनके घर तक पहुंच बनाई गई और उनके कई समर्थकों को भी कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा परेशान किया गया, जिससे वह बेहद आहत हैं। उन्होंने कहा कि वह एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र हैं, इसके बावजूद राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उन्हें और उनके समर्थकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
राजेश शुक्ला ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब खुद ही हमला रचाया गया था, तो असली “आका” कौन है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस को उसी आईने में खुद को देखना चाहिए, जिसमें वह दूसरों को देखने की नसीहत दे रही थी।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
पुलिस खुलासे के बाद यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। एक ओर कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम से असहज नजर आ रही है, वहीं बीजेपी इसे कांग्रेस की कथित राजनीति और सरकार को बदनाम करने की साजिश के रूप में पेश कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।