केदारपुरी के रक्षक भुकुंट भैरव के पूजन संग शुरू हुई केदारनाथ यात्रा, भक्तिमय माहौल में आज ऊखीमठ से रवाना होगी उत्सव डोली

रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड): भगवान केदारनाथ की ग्रीष्मकालीन यात्रा का शुभारंभ उनके शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से भव्य पूजन अनुष्ठान के साथ हो गया है। क्षेत्र रक्षक भुकुंट भैरवनाथ की पूजा के साथ इस वर्ष की पावन केदारनाथ यात्रा का विधिवत आगाज हुआ। रविवार को ओंकारेश्वर मंदिर को विभिन्न प्रजातियों के आठ क्विंटल फूलों से भव्यता के साथ सजाया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से होगा, जबकि 2 मई को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाएंगे। इसी क्रम में आज सोमवार 28 अप्रैल को, भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली ऊखीमठ से कैलाश के लिए रवाना होगी।

भव्य तैयारियां और श्रद्धालुओं का उत्साह

ऊखीमठ में भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह डोली को विदा करने के लिए आर्मी बैंड की सुमधुर धुनें गूंजेंगी और भक्तों के जयकारे वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर देंगे। डोली यात्रा के दौरान, यह विभिन्न यात्रा पड़ावों जैसे गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड आदि में रात्रि विश्राम करेगी। डोली 1 मई को केदारनाथ धाम पहुंचेगी और 2 मई को प्रातः कालीन बेला में भगवान केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे।

यात्रियों की सुविधा हेतु पुख्ता इंतजाम

इस बार की यात्रा को सुगम बनाने के लिए मंदिर समिति और प्रशासन द्वारा कई बड़े कदम उठाए गए हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ तक के 18 किमी पैदल मार्ग पर जल संस्थान द्वारा 37 पानी की चारियाँ, 60 स्टैंड पोस्ट, 6 सप्लाई टैंक और 12 स्थानों पर गर्म पानी के कनेक्शन लगाए गए हैं ताकि तीर्थयात्रियों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति मिल सके।

इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं को भी अत्यंत सुदृढ़ बनाया गया है। केदारनाथ, बेस कैंप, लिनचोली, रामबाड़ा, भीमबली, जंगलचट्टी, गौरीकुंड और सोनप्रयाग में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ चिकित्सक, दवाइयाँ और ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

टोकन सिस्टम से होगा सुगम दर्शन

इस बार तीर्थयात्रियों को लंबी कतारों से बचाने के लिए ‘टोकन सिस्टम’ लागू किया गया है। श्रद्धालु अपने टोकन पर अंकित समय के अनुसार ही दर्शन कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, ठंड और बरसात से बचाव हेतु पैदल मार्ग पर रेन शेल्टर भी बनाए गए हैं।

सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर SDRF, NDRF, DDRF, पुलिस, PRD और होमगार्ड्स के जवान तैनात रहेंगे। 200 पुलिस जवान और 150 SDRF जवान विशेष रूप से यात्रियों की सुरक्षा में लगे रहेंगे। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिससे जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से यात्रा गतिविधियों पर 24×7 नजर रखी जाएगी।

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने आपदा की स्थिति से निपटने के लिए अपनी स्वयं की ‘डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिलीफ इंट्रानेट’ प्रणाली स्थापित की है, जिससे आपातकालीन स्थिति में भी संचार बना रहेगा। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर ‘आपदा सूचक यंत्र’ भी लगाए गए हैं, जिनके जरिए आपातकालीन बटन दबाकर तुरंत मदद ली जा सकती है।

आस्था, सुरक्षा और सेवा का संगम

भगवान केदारनाथ की यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक आस्था का विषय है, बल्कि यह प्रशासन, सुरक्षाबलों और स्थानीय जनता की सेवा भावना का भी प्रतीक बन गई है। इस बार की यात्रा में हर छोटी-बड़ी आवश्यकता का ध्यान रखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि हर यात्री का अनुभव यादगार और सुरक्षित रहे।

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