केदारनाथ हेली सेवा हुई महंगी: किराए में 45% से अधिक बढ़ोतरी, 15 सितंबर से लागू होंगी नई दरें
देहरादून/रुद्रप्रयाग: बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए हेलिकॉप्टर सेवा का हवाई सफर अब श्रद्धालुओं की जेब पर और भारी पड़ेगा। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने हेली सेवा के किराए में 45.86% तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 15 सितंबर 2025 से लागू होंगी। इसके लिए बुकिंग 10 सितंबर से आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट पर शुरू हो जाएगी।
इस साल दो चरणों में हो रहा संचालन
इस साल 2 मई 2025 को केदारनाथ हेली सेवा की शुरुआत हुई थी, लेकिन उत्तरकाशी और केदार घाटी में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं के कारण इसे बीच में रोक दिया गया। अब दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू होगा।
किराया क्यों बढ़ा?
यूकाडा के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा से केदारनाथ के लिए चलने वाली हेली सेवाओं की शटल उड़ानें और सीटें सीमित हैं। सुरक्षा मानकों और संचालन खर्च को देखते हुए किराए बढ़ाने की अनुमति दी गई है।
इसके अलावा गृह सचिव शैलेष बगौली की अध्यक्षता में गठित 10 सदस्यीय समिति ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की है, जिसके अनुसार अब सेवा संचालित होगी।
नई किराया दरें (15 सितंबर से लागू)
| रूट | पहले (₹) | अब (₹) |
|---|---|---|
| गुप्तकाशी – केदारनाथ | 8,532 | 12,444 |
| फाटा – केदारनाथ | 6,062 | 8,842 |
| सिरसी – केदारनाथ | 6,060 | 8,839 |
सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान
पिछली दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए सरकार ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। नई एसओपी के तहत हेलिकॉप्टर कंपनियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा।
क्या होगा असर?
हेली सेवा का उपयोग हर साल हजारों श्रद्धालु करते हैं, खासकर वे जो कठिन ट्रेक करने में सक्षम नहीं होते। अब बढ़े हुए किराए से आम श्रद्धालुओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, हालांकि सुरक्षित और नियंत्रित संचालन को देखते हुए इसे आवश्यक कदम बताया जा रहा है।