उत्तराखंड कैबिनेट के अहम फैसले: देश की पहली योग नीति को मंजूरी, ठेकेदारों और स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी राहत
देहरादून, 28 मई: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इन फैसलों में सबसे बड़ा निर्णय राज्य की पहली योग नीति को मंजूरी देना रहा, जिससे उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने आधिकारिक रूप से योग को नीति स्तर पर अपनाया है। इस नीति के तहत राज्य के पांच क्षेत्रों को योग हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रमुख निर्णय और नीतिगत बदलाव:
देश की पहली योग नीति को मंजूरी
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“योगा नीति 2025” के तहत राज्य में पांच योग हब स्थापित किए जाएंगे।
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इसका उद्देश्य प्रदेश को योग पर्यटन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है।
स्वास्थ्य विभाग को 75 करोड़ रुपए का लोन
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अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत अस्पतालों को भुगतान में आ रही समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को लोन देने का फैसला किया गया।
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यह राशि अस्पतालों के बकाया भुगतान के लिए प्रयोग की जाएगी।
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देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों के लिए रुकने व खाने की सुविधा विकसित की जाएगी, जिसके लिए सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी और निर्माण कार्य CSR फंड से होगा।
स्थानीय ठेकेदारों के लिए राहत भरी खबर
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प्रिक्योरमेंट नियमावली में संशोधन कर 10 करोड़ रुपये तक के विभागीय कार्य अब स्थानीय ठेकेदारों को दिए जा सकेंगे।
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सभी श्रेणियों में स्थानीय ठेकेदारों की कार्य सीमा बढ़ाई गई।
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राज्य के स्थानीय उत्पादों और मानव संसाधन को प्राथमिकता दी जाएगी।
अन्य कैबिनेट फैसले:
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उत्तराखंड मेगा एवं इंडस्ट्रियल नीति 2025 को मंजूरी
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अगले 5 वर्षों के लिए लागू होगी यह नई नीति।
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उद्योगों को 4 श्रेणियों और राज्य को उद्योग अनुकूल 4 जोन में बांटा गया।
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उत्तराखंड विष कब्जा एवं विक्रय नियमावली में संशोधन
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अब मिथाइल अल्कोहल को भी नियमावली में शामिल किया गया है।
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राजकीय विभाग अधीनस्थ लेखा संवर्ग (राजपत्रित) नियमावली 2019 में संशोधन।
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राज्य बाढ़ सुरक्षा का वार्षिक प्रतिवेदन सदन में रखने को मंजूरी।
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उत्तराखंड निबंध लिपिकवर्गीय कर्मचारी सेवा नियमावली 2025 को स्वीकृति
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यह 1978 की नियमावली की जगह लेगी।
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सेवा क्षेत्र नीति 2024 में संशोधन।
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उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के ढांचे में संशोधन।