चारधाम यात्रा SOP पर हाईकोर्ट सख्त, व्यवस्थाओं और पशु क्रूरता पर जताई चिंता
उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चारधाम यात्रा के दौरान अव्यवस्थाओं और तीर्थस्थलों पर पशुओं के साथ हो रही क्रूरता को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इस मामले में अदालत ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं।
किन याचिकाओं पर सुनवाई
यह सुनवाई पशु प्रेमी गौरी मौलेखी और धर्मगुरु अजय गौतम सहित अन्य द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर हुई।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने कहा कि:
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तीर्थस्थलों में जानवरों पर हो रहे अत्याचार को कम किया जाए
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श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाया जाए
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सरकार द्वारा जारी SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) में आवश्यक संशोधन किया जाए
पशुओं के लिए सुविधाओं पर जोर
अदालत ने यात्रा मार्ग पर चलने वाले पशुओं के लिए चिकित्सालय (वेटरनरी सुविधाएं) उपलब्ध कराने के सुझाव पर भी गंभीरता से विचार करने को कहा है।
सरकार का पक्ष
राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि यात्रा को सुचारू बनाने और पशुओं की देखभाल के लिए पहले ही नई SOP जारी की जा चुकी है।
हालांकि, अदालत ने निर्देश दिया कि इस SOP का एक बार फिर से मूल्यांकन किया जाए ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अगली सुनवाई
मामले में अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
क्या है मामला
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि:
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चारधाम यात्रा के दौरान अव्यवस्थाएं बनी रहती हैं
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पशुओं के साथ क्रूरता की घटनाएं सामने आती हैं
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सरकार द्वारा बनाई गई SOP का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा