हाईकोर्ट जजों की पैदल यात्रा, युवाओं व पर्यावरण को संदेश

नैनीताल हाईकोर्ट के न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों ने अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर अनोखी मिसाल पेश की। सोमवार को सभी जज अपने-अपने आवासों से पैदल चलते हुए उच्च न्यायालय पहुंचे। इस पदयात्रा का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करना, साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश देना था।

कार्यक्रम उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आह्वान पर आयोजित किया गया। मुख्य न्यायाधीश की अनुपस्थिति में न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय, न्यायमूर्ति आलोक वर्मा, न्यायमूर्ति आलोक मेहरा, न्यायमूर्ति आशीष नैथानी, न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित, न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी, वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने पैदल यात्रा में भाग लिया।

इस दौरान न्यायमूर्ति आलोक वर्मा अकेले चलते हुए न्यायालय पहुंचे, जबकि न्यायमूर्ति आलोक मेहरा और न्यायमूर्ति आशीष नैथानी साथ-साथ पहुंचे। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित और न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी एक साथ चलते दिखे, वहीं वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल भी पैदल ही न्यायालय आए।

कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जर्नल योगेश कुमार गुप्ता, रजिस्ट्रार विजिलेंस सुबीर कुमार, रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल धर्मेंद्र सिंह अधिकारी, रजिस्ट्रार इंस्पेक्शन प्रतिभा तिवारी, रजिस्ट्रार प्रोटोकॉल विवेक श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार विक्रम, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव और कर्मचारी भी शामिल रहे।

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