Srinagar: चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर Dhari Devi Temple में आस्था का एक अनोखा रूप देखने को मिल रहा है। यहां एक दिव्यांग साधु की विशेष साधना श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
ग्वालियर निवासी और Juna Akhada से जुड़े बाबा नारायण गिरी पिछले कई वर्षों से धारी देवी क्षेत्र में रहकर साधना कर रहे हैं। इस बार चैत्र नवरात्र में उन्होंने अपने सिर पर जौ की हरियाली उगाकर मां धारी देवी को समर्पित की है, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
बाबा नारायण गिरी ने बताया कि उन्होंने सिर पर कपड़ा बांधकर उसमें मिट्टी रखी और फिर जौ के बीज बोए। मात्र तीन दिनों में यह बीज अंकुरित होकर हरी-भरी घास में बदल गए। इस अनूठी साधना को वह हर वर्ष नवरात्र के दौरान दोहराते हैं।
एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद बाबा की अटूट श्रद्धा लोगों को प्रेरित कर रही है। उनका कहना है कि यह साधना उनके जीवन की गलतियों के प्रायश्चित का माध्यम है और मां के प्रति समर्पण का प्रतीक भी।
मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु बाबा की इस साधना को न सिर्फ देख रहे हैं, बल्कि इसे गहरी आस्था और भक्ति का अद्भुत उदाहरण भी मान रहे हैं। चैत्र नवरात्र के इस पावन अवसर पर यह अनोखी भक्ति लोगों के बीच आस्था का विशेष संदेश दे रही है।