घोड़ाखाल सैनिक स्कूल ने जीता इंटर स्कूल क्रॉस कंट्री रेस का खिताब

नैनीताल: देश के प्रसिद्ध सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में अंतर विद्यालय क्रॉस कंट्री रेस प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मेजबान टीम सैनिक स्कूल घोड़ाखाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता का आयोजन ओल्ड बॉयज एसोसिएशन (OBA) द्वारा हीरक जयंती समारोह के उपलक्ष्य में किया गया था।

हीरक जयंती समारोह के तहत हुआ आयोजन

सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में हीरक जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित इस क्रॉस कंट्री रेस में क्षेत्र के आठ प्रतिष्ठित विद्यालयों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में लेक्स इंटरनेशनल स्कूल भीमताल, डे वीटो स्कूल भवाली, जीबी पंत इंटर कॉलेज भवाली, नैंसी कॉन्वेंट ज्योलिकोट, पार्वती प्रेमा जगाती स्कूल, भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय नैनीताल, हरमन गमीनर स्कूल भीमताल और मेजबान सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की टीमें शामिल रहीं।

ओबीए ने कराया आयोजन, आयोजन सचिव विभव श्रीवास्तव रहे प्रमुख

प्रतियोगिता का आयोजन ओल्ड बॉयज एसोसिएशन (OBA) सैनिक स्कूल घोड़ाखाल द्वारा किया गया। आयोजन हीरक जयंती समारोह के आयोजन सचिव विभव श्रीवास्तव और ओबीए के महासचिव विनोद सिंह के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर में छात्रों, शिक्षकों और पूर्व विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया।

मेजबान सैनिक स्कूल घोड़ाखाल बना चैंपियन

क्रॉस कंट्री रेस में मेजबान सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता। भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय नैनीताल द्वितीय स्थान पर रहा, जबकि पार्वती प्रेमा जगाती स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागियों ने कठिन मार्गों पर अद्भुत साहस और खेल भावना का परिचय दिया।

प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन वीएस डंगवाल ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन वीएस डंगवाल ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि,
“ऐसे खेल आयोजन छात्रों में अनुशासन, धैर्य और प्रतिस्पर्धा की भावना को मजबूत करते हैं। यह न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी छात्रों को सशक्त बनाते हैं।”
उन्होंने सभी विजेताओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम का समापन आयोजन सचिव विभव श्रीवास्तव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी विद्यालयों के प्रतिभागियों, शिक्षकों और ओबीए के सदस्यों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाया।

सैनिक स्कूल घोड़ाखाल का गौरवशाली इतिहास

सैनिक स्कूल घोड़ाखाल, उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित एक प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालय है, जो सेना में जाने के इच्छुक छात्र-छात्राओं के लिए आदर्श संस्थान माना जाता है। यहां कक्षा 6 और 9 में प्रवेश अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE) के माध्यम से होता है, जो राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाती है।

कक्षा 6 के लिए उम्मीदवार की आयु प्रवेश वर्ष की 31 मार्च तक 10 से 12 वर्ष, और कक्षा 9 के लिए 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उत्तराखंड के मूल निवासियों के लिए विद्यालय में 67% सीटें आरक्षित हैं, जबकि शेष 33% सीटें अन्य राज्यों के छात्रों के लिए हैं।

अनुशासन और नेतृत्व के प्रतीक छात्र

सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा की भावना सिखाई जाती है। विद्यालय में शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि छात्र भविष्य में भारतीय सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी बनकर देश की सेवा कर सकें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

https://www.breaknwaves.com/jet_skis_boat_rentals.html