औली में पहली ‘नाइट स्कीइंग’, हिमाचल–आर्मी का दबदबा
चमोली: विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थल औली में रविवार की रात एक नया इतिहास रच दिया गया। अब तक दिन की धूप में चमकने वाली बर्फीली ढलानों पर पहली बार दूधिया रोशनी के बीच ‘नाइट स्नो स्कीइंग’ का रोमांच देखने को मिला। औली नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप एवं विंटर गेम्स कार्निवाल 2026 के तीसरे और अंतिम दिन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को यादगार बना दिया।

फ्लडलाइट्स में जगमगाईं नंदा देवी इंटरनेशनल स्लोप
नाइट स्कीइंग का मुख्य आकर्षण नंदा देवी इंटरनेशनल स्कीइंग स्लोप पर देखने को मिला, जहां पहली बार फ्लडलाइट्स की रोशनी में स्कियरों ने बर्फीली ढलानों पर अपने करतब दिखाए। कड़ाके की ठंड और ऊंचाई पर जमी बर्फ के बीच जब रोशनी फैली तो पूरा नजारा किसी जादुई दुनिया से कम नहीं लगा।
विदेशों में होने वाले इस तरह के नाइट इवेंट्स को पहली बार भारत में आयोजित कर औली ने साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नया अध्याय जोड़ दिया। रात के अंधेरे में स्की पर सवार खिलाड़ियों का संतुलन और गति देखकर पर्यटक और आयोजक रोमांचित हो उठे।

देश-विदेश के खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
प्रतियोगिता में उत्तराखंड के स्थानीय खिलाड़ियों के साथ देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए स्कीइंग खिलाड़ियों ने भाग लिया। विंटर गेम्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव राकेश रंजन भिलंगवाल, सह सचिव अजय भट्ट, विजयंत रावत, विक्रम फर्स्वाण और विजय सती ने इस ऐतिहासिक आयोजन पर खुशी जताई।
उन्होंने कहा कि औली में पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं, लेकिन नाइट स्कीइंग का यह पहला अनुभव है, जो औली को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देगा। उनका कहना था कि इस आयोजन के बाद औली यूरोप और अमेरिका के स्की रिसॉर्ट्स को टक्कर देने के लिए तैयार है।

नाइट स्कीइंग से ‘नाइट लाइफ टूरिज्म’ को बढ़ावा
स्कीइंग खिलाड़ी प्रीति डिमरी, वंदना पंवार, विकेश डिमरी, प्रदीप मंद्रवाल और विजय रतूड़ी ने कहा कि नाइट स्कीइंग की शुरुआत से उत्तराखंड में नाइट लाइफ टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इससे पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा और स्थानीय होटल व्यवसायियों, होमस्टे संचालकों और गाइडों की आय में इजाफा होगा।
विंटर गेम्स एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास ने कहा कि लक्ष्य औली को केवल सीजनल डेस्टिनेशन न रखकर पूर्णकालिक एडवेंचर हब के रूप में विकसित करना है। भारत में पहली बार किसी स्कीइंग सेंटर पर नाइट इवेंट आयोजित हुआ है, जिससे औली की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होगी।
राष्ट्रीय स्कीइंग कोच अजय भट्ट ने बताया कि इस तरह की नाइट स्नो स्कीइंग यूरोपीय देशों की अल्पाइन स्लोप पर आमतौर पर होती है और इस बार विंटर कार्निवाल को यादगार बनाने के लिए इसे सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

तीसरे दिन के मुकाबलों के नतीजे
स्की पर्वतारोहण वर्टिकल रेस (पुरुष वर्ग)
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शार्दुल थपलियाल – उत्तराखंड (स्वर्ण)
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राजेश्वर सिंह – आर्मी (रजत)
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हिमांशु कवाण – उत्तराखंड (कांस्य)
स्की पर्वतारोहण वर्टिकल रेस (महिला वर्ग)
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नताशा महर – हिमाचल प्रदेश
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काम्या कार्तिकेयन – महाराष्ट्र
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साक्षी ठाकुर – हिमाचल प्रदेश
स्लालॉम पुरुष वर्ग
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मयंक पंवार – आर्मी
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देबेंद्र गुरुंग – आर्मी ग्रीन
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आशिफ अजीज जरगर – आर्मी रेड
स्लालॉम महिला वर्ग
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आंचल ठाकुर – हिमाचल प्रदेश
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तनुजा ठाकुर – हिमाचल प्रदेश
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प्रोमिला ठाकुर – हिमाचल प्रदेश
स्नोबोर्ड पुरुष वर्ग
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बाकिर अहमद लोन – जम्मू-कश्मीर
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जुबेर अहमद लोन – जम्मू-कश्मीर
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विवेक राणा – आर्मी
स्नोबोर्ड महिला वर्ग
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प्रकृति ठाकुर – हिमाचल प्रदेश
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प्रीति ठाकुर – हिमाचल प्रदेश
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दीपिका ठाकुर – हिमाचल प्रदेश
लोकल ट्यूब रेस विजेता
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हिमांशु
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मुन्ना कुंवर
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संजय बिष्ट
स्नो स्विंग प्रथम रेस
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आशीष भंडारी
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वसीम अहमद लोन
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रजत शर्मा
स्नो स्विंग द्वितीय रेस
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राजेश (आईटीबीपी)
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सचिन कवाण
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हिमांशु कवाण
