“भाजपा की ध्रुवीकरण राजनीति का डटकर मुकाबला करें: उत्तराखंड में कुमारी शैलजा ने कांग्रेस को दिया ‘मुखरता’ का मंत्र”

देहरादून/उत्तराखंड | 27 अगस्त 2025
उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस ने नए सिरे से सियासी संकल्प लिया है। डेढ़ साल के अंतराल के बाद प्रदेश दौरे पर पहुंचीं कांग्रेस की केंद्रीय प्रभारी कुमारी शैलजा ने देहरादून में कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक में पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया—

“भाजपा की ध्रुवीकरण और भ्रम की राजनीति का अब मुखर और सटीक जवाब देने की जरूरत है।”


भाजपा के खिलाफ सख्त तेवर, कांग्रेस को नया दिशा निर्देश

बैठक में शैलजा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह धर्म, जाति और आस्था के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति कर रही है, लेकिन अब जनता इस सच्चाई को समझ चुकी है। उन्होंने कहा:

“भाजपा के झूठे नारों और नफरत फैलाने की राजनीति से अब पर्दा उठ चुका है। कांग्रेस को इस ध्रुवीकरण के खिलाफ वैचारिक और सशक्त लड़ाई लड़नी होगी।”


नेताओं को मिली ‘मुखरता’ और ‘एकजुटता’ की सीख

इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस की एकजुटता, संगठन की मजबूती, और आगामी रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। शैलजा ने नेताओं को निर्देशित किया कि वे पार्टी की नीतियों और विचारों को आमजन तक बेझिझक पहुंचाएं, और भाजपा के दुष्प्रचार का डटकर मुकाबला करें।

“अब समय है जब कांग्रेस के नेता न केवल मैदान में उतरें, बल्कि जनता से सीधे संवाद करें और भाजपा की कथनी और करनी के फर्क को उजागर करें।”


कांग्रेस में ‘नए जोश’ की लहर

कुमारी शैलजा ने यह भी स्वीकार किया कि राहुल गांधी के सक्रिय नेतृत्व और भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस में एक नया उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस सिर्फ विपक्ष नहीं, बल्कि एक वैकल्पिक नेतृत्व के रूप में उभर रही है।

बैठक में विपक्ष के नेता यशपाल आर्य, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व सीएम हरीश रावत, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, सूर्यकांत धस्माना, सह प्रभारी सरदार परगट सिंह और सुरेंद्र शर्मा सहित सभी विधायक मौजूद रहे।


वोट चोरी और पंचायत चुनाव में धांधली बना मुद्दा

बैठक में भाजपा सरकार पर पंचायत चुनावों में धांधली, प्रशासनिक दखल और लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोपों पर भी चर्चा हुई। कुमारी शैलजा ने इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर एक जनआंदोलन में बदलने की जरूरत बताई।

“अगर भाजपा लोकतंत्र को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है, तो कांग्रेस को लोकतंत्र की रक्षा के लिए गांव-गांव तक जाना होगा।”


“सबका साथ, सबका विकास” नहीं, सिर्फ नारा रह गया है: कांग्रेस

शैलजा ने भाजपा के “सबका साथ, सबका विकास” नारे को खोखला करार देते हुए कहा कि हकीकत में भाजपा ने देश को ध्रुवीकरण और विभाजन के रास्ते पर धकेला है। उन्होंने कांग्रेस को समावेशी विचारधारा को मजबूत करने और राष्ट्रीय एकता के लिए काम करने का आह्वान किया।


निष्कर्ष: कांग्रेस फिर मोर्चे पर तैयार

उत्तराखंड में कांग्रेस अब पूरी तरह सक्रिय और संगठित होकर भाजपा के सामने खड़ी होती दिख रही है। शैलजा की यह बैठक न केवल कांग्रेस नेताओं में नया आत्मविश्वास भरने का प्रयास थी, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति की नींव भी साबित हो सकती है।

कांग्रेस अब भाजपा की नीतियों को केवल संसद और सोशल मीडिया में नहीं, बल्कि सड़क और गांव की चौपाल तक चुनौती देने की तैयारी में है।
क्या यह मुखरता कांग्रेस के लिए गेमचेंजर साबित होगी? समय बताएगा।

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