हरिद्वार में धूमधाम से मनाई गई ईद, अमन-चैन की दुआओं के साथ उठी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग

Haridwar में ईद का पर्व पारंपरिक उत्साह, भाईचारे और सौहार्द के माहौल में मनाया गया। Jwalapur Eidgah समेत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद की नमाज अदा की और देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ मांगी।

भाईचारे और इंसानियत का संदेश

ज्वालापुर ईदगाह में नमाज के बाद मौलाना वाहिद ने अपने संबोधन में कहा कि ईद त्याग, समर्पण और अटूट विश्वास का पर्व है। उन्होंने हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माइल की कुर्बानी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्व इंसानियत, सब्र और ईमानदारी का संदेश देता है।

ईद के मौके पर लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से ही रौनक देखने को मिली और पूरे जिले में त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दिया एकता का संदेश

Jamiat Ulema-e-Hind के सदर आरिफ कासमी ने कहा कि ईद आपसी भाईचारे, मोहब्बत और एकता का पर्व है। उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों का देश है और सभी समुदायों के त्योहार देश की गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करते हैं।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग

ईद के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों की ओर से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग भी उठाई गई। आरिफ कासमी ने कहा कि ऐसा होने से गौ संरक्षण को मजबूती मिलेगी और गाय से जुड़े विवादों पर भी रोक लग सकेगी।

उन्होंने सरकार से गाय की बिक्री और गौहत्या के खिलाफ और सख्त कानून बनाने की मांग भी की। उनका कहना था कि इससे समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने में मदद मिलेगी।

प्रशासन रहा अलर्ट

ईद के दौरान Uttarakhand Police और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और अधिकारियों ने लगातार निगरानी बनाए रखी।

ईदगाह कमेटी के पदाधिकारियों ने लोगों से प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की। पूरे जिले में त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

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