देहरादून। उत्तराखंड भाजपा में नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी से संगठन के भीतर बढ़ती असहजता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने सख्त कदम उठाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया है कि अब पार्टी फोरम से बाहर किसी भी तरह की बयानबाजी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस आदेश की अनदेखी करने वाले नेताओं के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई तय मानी जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ भाजपा नेताओं, विशेषकर विधायक अरविंद पांडे समेत अन्य पदाधिकारियों की बयानबाजी से पार्टी संगठन को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। इसे गंभीरता से लेते हुए पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि अब कोई भी नेता सार्वजनिक मंच या मीडिया के माध्यम से पार्टी लाइन से अलग बयान नहीं देगा।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
महेंद्र भट्ट ने बताया कि यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और पार्टी के सभी नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी भी दे दी गई है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि इसके बावजूद कोई नेता बयानबाजी करता है, तो उसके खिलाफ संगठन स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित संगठन है और सरकार तथा संगठन के बीच समन्वय बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। सरकार का हिस्सा होने वाले विधायकों और मंत्रियों को चाहिए कि वे अपनी असहमति या सुझाव पार्टी फोरम या मुख्यमंत्री के समक्ष रखें, न कि सार्वजनिक मंचों पर।
अरविंद पांडे से की गई बातचीत
प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में विधायक अरविंद पांडे के बयानों को लेकर उनसे बातचीत की गई है। उन्हें यह समझाया गया है कि वे सरकार का अंग हैं और किसी भी मुद्दे पर अपनी बात संगठनात्मक मंच पर रखें। पार्टी नेतृत्व ने यह संकेत भी दिया कि आगे इस तरह की बयानबाजी को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
जल्द होगी कोर कमेटी की बैठक
महेंद्र भट्ट ने बताया कि पिछले लोकसभा सत्र के दौरान दिल्ली में भाजपा की कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी। अब संसद के आगामी बजट सत्र के दौरान एक और कोर कमेटी बैठक प्रस्तावित है, जिसमें संगठन और सरकार से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
होर्डिंग विवाद पर सफाई
प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम कुछ होर्डिंग्स से गायब होने को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि इन होर्डिंग्स का डिजाइन दिल्ली से तैयार होकर आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले को लेकर किसी भी तरह की राजनीतिक अटकलें या चर्चाएं पूरी तरह निराधार और अफवाह हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के इस सख्त संदेश के बाद यह साफ हो गया है कि पार्टी नेतृत्व अब संगठनात्मक अनुशासन को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि नेता इस निर्देश का कितना पालन करते हैं।