धराली आपदा: हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू शुरू, चिनूक ने संभाला मोर्चा

उत्तरकाशी (उत्तराखंड)। उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई भीषण आपदा के तीसरे दिन मौसम साफ होते ही हेली रेस्क्यू ऑपरेशन तेज़ी पकड़ चुका है। भारतीय वायुसेना का शक्तिशाली चिनूक हेलीकॉप्टर आज जौलीग्रांट एयरपोर्ट से उड़ान भरकर धराली पहुंचा, जिसमें NDRF के जवान और ज़रूरी रेस्क्यू उपकरण लाए गए।

अब हवाई रास्ते से ही राहत संभव

धराली और आसपास के गांवों में सड़क संपर्क पूरी तरह से बाधित है। कई जगहों पर भूस्खलन और टूटे पुलों के कारण राहत और बचाव कार्य सड़क मार्ग से मुमकिन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अब सारा रेस्क्यू अभियान पूरी तरह से हवाई ऑपरेशन पर निर्भर हो गया है।

उत्तराखंड सिविल एविएशन अथॉरिटी (UCAA) के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि एयर ऑपरेशन का बेस उत्तरकाशी के मातली में बनाया गया है। वहीं से हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं और वहीं पर घायलों को वापस लाया जा रहा है।

मौसम खुलते ही तेज़ हुई कार्रवाई

पिछले दो दिनों तक लगातार खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके थे। लेकिन जैसे ही आज धूप निकली और मौसम सामान्य हुआ, एयरफोर्स ने बिना देरी किए ऑपरेशन शुरू कर दिया। चिनूक हेलीकॉप्टर अपने साथ रेस्क्यू फोर्स, राहत सामग्री और उपकरण लेकर धराली पहुंचा।

हेली रेस्क्यू ऑपरेशन अब हरसिल घाटी के कई इलाकों में सक्रिय है। वायुसेना और आपदा प्रबंधन टीमें फंसे हुए ग्रामीणों, घायलों और पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल रही हैं।

रोड कनेक्टिविटी बहाल होने में लगेगा समय

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, सड़क संपर्क को फिर से शुरू करने में अभी कई दिन लग सकते हैं। कई इलाकों में मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं। ऐसे में हेली ऑपरेशन ही एकमात्र विकल्प बचा है।

 

वापसी में हेलीकॉप्टर घायलों, बीमारों और फंसे लोगों को लेकर मातली बेस पहुंचा रहे हैं, जहां से आगे की चिकित्सा और मदद उपलब्ध कराई जा रही है।

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