सरकारी व वन भूमि पर कब्जों के खिलाफ देहरादून प्रशासन का बड़ा एक्शन, अवैध निर्माण ध्वस्त

देहरादून।
सरकारी एवं वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। जिलाधिकारी सविन बंसल के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी के नेतृत्व में राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को ध्वस्त किया।

जिला प्रशासन द्वारा जिले में बढ़ते अतिक्रमण, अवैध प्लॉटिंग तथा वन भूमि पर कब्जों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। इसी के तहत प्रशासन ने निरंतर एवं प्रभावी प्रवर्तन अभियान शुरू कर दिया है, जो आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सरकारी एवं वन भूमि को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त कराया जा सके।

प्रशासनिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि जिन क्षेत्रों में कार्रवाई की गई, उनसे सटी कुछ भूमि अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की निजी भूमि है। जानकारी मिली थी कि कुछ लोगों द्वारा इन निजी भूमियों पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर उन्हें बेचने की तैयारी की जा रही थी। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि प्लॉटिंग की जा रही भूमि तक किसी भी दिशा से वैध आवागमन मार्ग उपलब्ध नहीं था।

इसके चलते संबंधित व्यक्तियों द्वारा वन विभाग की भूमि खसरा संख्या 949(क) पर अवैध रूप से कब्जा कर पक्का रास्ता बना लिया गया था, जो कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। जिला प्रशासन ने इस अवैध मार्ग को भी ध्वस्त करते हुए वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, निर्माण या उपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी इसे सख्ती से जारी रखा जाएगा। यदि किसी भी अतिक्रमण मामले में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक हित, पर्यावरण संरक्षण तथा शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वन विभाग की भूमि, जंगल, झाड़ियों एवं अन्य सरकारी परिसंपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध प्लॉटिंग या निर्माण किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व राजस्व अभिलेखों की विधिवत जांच अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दें, ताकि सरकारी भूमि और वन क्षेत्रों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

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