“किसानों, महिला समूहों और छोटे व्यापारियों को सहकारिता से बड़ा मंच : अल्मोड़ा से शुरू हुआ प्रदेशव्यापी सहकारिता महोत्सव”

अल्मोड़ा, देवभूमि उत्तराखंड के पर्वतीय जनपद अल्मोड़ा से आज सहकारिता के नए युग की शुरुआत हुई।
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में सिमकनी मैदान में आयोजित सहकारिता महोत्सव का शुभारंभ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं अल्मोड़ा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया।
इस मौके पर उन्होंने सहकारिता को ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता का सबसे सशक्त माध्यम बताया।

अल्मोड़ा से प्रदेशव्यापी सहकारिता यात्रा की शुरुआत

मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2025 को ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है।
इसी क्रम में उत्तराखंड के 13 जिलों में सहकारिता मेले आयोजित किए जा रहे हैं — जिसकी शुरुआत अल्मोड़ा से हुई है और दिसंबर माह में देहरादून में इसका समापन होगा।
उन्होंने कहा कि इन मेलों का उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाना और किसानों, महिला समूहों तथा छोटे व्यापारियों को मजबूत मंच देना है।

तीन प्रमुख लक्ष्य: किसान, महिला और मिलेट्स

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सहकारिता मेलों के तीन मुख्य लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:
 किसानों को उनके उत्पादों के लिए सीधा बाजार (मार्केट लिंक) उपलब्ध कराना।
तीन लाख ‘लखपति दीदी’ तैयार करना, जो स्वरोजगार और महिला स्वावलंबन का प्रतीक होंगी।
मिलेट्स मिशन के तहत मंडुवा, झिंगोरा, धान और बाजरा जैसे पारंपरिक अनाजों को वैश्विक पहचान दिलाना।

उन्होंने कहा कि हर जिले के उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन की व्यवस्था की जा रही है ताकि उन्हें देश-विदेश में पहचान मिल सके।

महिलाओं और छोटे कारोबारियों के लिए नई पहलें

डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने सहकारिता के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को 10 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण देने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा एकल महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए 21 हजार से 1 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण देने की नई योजना भी शुरू की जा रही है।

साथ ही, ठेले वालों, फड़ लगाने वालों और छोटे व्यापारियों को भी प्रतिदिन 5 हजार रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण सहकारिता विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल छोटे काश्तकारों और व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

किसान गोष्ठियों और तकनीकी सहयोग पर जोर

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन मेलों के दौरान किसान गोष्ठियाँ भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें कृषि विशेषज्ञ और अधिकारी किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
इसके साथ ही सहकारिता के माध्यम से किसानों को नई तकनीक, प्रशिक्षण और विपणन सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।

लाभार्थियों को ऋण वितरण और सम्मान समारोह

कार्यक्रम के दौरान डॉ. रावत ने जिला सहकारी बैंक की ओर से लाभार्थियों को ऋण चेक वितरित किए
दुग्ध उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया।
सहकारिता विभाग द्वारा प्रकाशित ‘सहकारिता पुस्तक’ का भी मंत्री ने विमोचन किया।

टीकाकरण वाहन को हरी झंडी

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने पशुपालन विभाग के सौजन्य से वृहद टीकाकरण अभियान की शुरुआत की।
उन्होंने टीकाकरण वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर पशुओं का टीकाकरण करेगा।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस अवसर पर विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, दर्जा प्राप्त मंत्री गंगा बिष्ट, महेश्वर मेहरा,
पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, मेयर अजय वर्मा,
जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा,
ब्लॉक प्रमुख हिमानी कुंडू सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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