कांग्रेस का सीएम आवास घेराव : पेपर लीक प्रकरण पर सरकार को घेरा, लगाए “पेपर चोर गद्दी छोड़” के नारे
देहरादून। उत्तराखंड में पेपर लीक मामले को लेकर जारी सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की। हाथों में “पेपर चोर गद्दी छोड़” लिखी तख्तियां और झंडे लिए कार्यकर्ता जैसे ही हाथी बड़कला पुलिस चौकी पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस की मांग : सीबीआई जांच का दायरा बढ़े
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक मामले में केवल हाल की परीक्षा की जांच तक ही सीमित रहना चाहती है। जबकि हकीकत यह है कि यूकेएसएसएससी के माध्यम से पहले भी शिक्षा और सहकारिता विभाग में कई भर्तियों में गड़बड़ी हुई है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की—
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सीबीआई जांच का दायरा बढ़ाकर पूर्व में हुई भर्तियों को भी शामिल किया जाए।
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यह जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए।
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हाल में हुई परीक्षा को रद्द कर नई परीक्षा कराई जाए।
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आयोग के अध्यक्ष को पद से हटाया जाए।
सरकार पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। पेपर लीक की घटनाओं से बेरोजगारों का भरोसा टूट गया है। ऐसे में केवल जांच की घोषणा नहीं, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई जरूरी है।
देर से जागी कांग्रेस पर उठे सवाल
हालांकि इस आंदोलन पर राजनीतिक सवाल भी उठे। 21 सितंबर को हुई परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद बेरोजगार छात्रों ने राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया था। उस समय कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के धरनों से दूरी बनाए रखी थी। अब करीब 15 दिन बाद कांग्रेस ने सीएम आवास घेराव कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सीएम धामी का पलटवार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा—
“कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है। पहले वे यह तय करें कि वे सीबीआई जांच से खुश हैं या नहीं। छात्रों के हित में हमें जो करना है, वह हम करेंगे। कांग्रेस नेताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है।”सीएम ने यह भी कहा कि सरकार युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए हर कदम उठाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।