गैरसैंण में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, बीजेपी पर छल का आरोप

गैरसैंण: उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर रविवार को सूबे की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में कांग्रेस पार्टी ने भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में तिरंगा रैली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राज्य आंदोलन की भावना को याद किया गया। कांग्रेस ने इस दौरान राज्य आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

कांग्रेस ने मनाया रजत जयंती समारोह

उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कांग्रेस ने गैरसैंण में तिरंगा रैली निकालकर एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की शुरुआत रामलीला मैदान में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद विभिन्न गांवों से आई महिला मंगल दलों ने पारंपरिक लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दीं।

कांग्रेस दिग्गजों का जमावड़ा

कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व विधायक मनोज रावत, जिला अध्यक्ष मुकेश नेगी, ब्लॉक अध्यक्ष दानसिंह, और नगर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।

गैरसैंण में निकली विशाल तिरंगा रैली

रामलीला मैदान से डाक बंगला रोड, तहसील रोड, और मुख्य बाजार तक तिरंगा रैली निकाली गई। कई मीटर लंबे तिरंगे को हाथों में लिए लोग “भारत माता की जय” और “उत्तराखंड के शहीद अमर रहें” के नारे लगाते रहे। पूरा नगर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। रैली के समापन पर आयोजित जनसभा में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर गैरसैंण और राज्य के साथ छल करने का आरोप लगाया।

ललित फर्स्वाण बोले – विकास का दावा झूठा

पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर अपनी पीठ थपथपा रही है, जबकि सच्चाई गैरसैंण की जर्जर सड़कों, अस्पतालों और स्कूलों की बदहाली से साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि जनता सही समय पर इसका जवाब देगी।

मोहन भंडारी ने कहा – शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बने

नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी ने कहा कि भाजपा सरकार ने गैरसैंण को दरकिनार कर शहीदों के सपनों की राजधानी को भुला दिया है। उन्होंने कहा कि रजत जयंती मना जरूर रहे हैं, लेकिन अब भी शहीदों का सपना अधूरा है।

लखपत बुटोला ने लगाया छलने का आरोप

बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि राज्य गठन के बाद से भाजपा ने उत्तराखंड वासियों को छलने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राज्य के गठन के समय यहां के मूल निवासियों को नेतृत्व से वंचित किया। बुटोला ने कहा कि बेरोजगारी चरम पर है और यूसीसी लिव-इन को मान्यता देकर सरकार संस्कृति से खिलवाड़ कर रही है।

मनोज रावत बोले – जल-जंगल-जमीन की होगी अगली लड़ाई

पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि अब अगली लड़ाई जल, जंगल और जमीन की होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राज्य की जमीनें माफियाओं को बेच दी हैं, जिसके कारण सरकारी योजनाओं के लिए जमीन तक नहीं बची।

कुंजवाल ने 50 करोड़ रुपये पर उठाया सवाल

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने गैरसैंण के विकास को लेकर एक इंच भी प्रगति नहीं की। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस सरकार ने सचिवालय निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन आज तक न तो सचिवालय बना और न ही उस राशि का कोई पता चला। कुंजवाल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किया जाएगा।

हरिकृष्ण भट्ट बोले – गैरसैंण राज्य की आत्मा है

राज्य आंदोलनकारी संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट ने कहा कि गैरसैंण केवल एक नाम नहीं बल्कि उत्तराखंड की आत्मा है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने गैरसैंण में कार्यक्रम की घोषणा की, तभी सरकार को भराड़ीसैंण में कार्यक्रम याद आया। उन्होंने कहा कि जनता और आंदोलनकारियों में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश है।

मुकेश नेगी ने जताई नाराजगी

कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश नेगी ने कहा कि मौजूदा सरकार ने गैरसैंण की उपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए था कि पूरी कैबिनेट गैरसैंण में आकर रजत जयंती मनाती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

गणेश गोदियाल बोले – सरकार गैरसैंण में एक इंच आगे नहीं बढ़ी

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में उत्तराखंड ने बहुत कुछ पाया, लेकिन शहीदों के सपनों का उत्तराखंड अभी अधूरा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गैरसैंण के विकास के लिए जो काम किया, वो अभूतपूर्व था, लेकिन मौजूदा सरकार गैरसैंण में एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी है।

गोदियाल ने पीएम पर साधा निशाना

गणेश गोदियाल ने प्रधानमंत्री के हालिया उत्तराखंड दौरे पर कहा कि राज्य की जनता उनसे बड़ी उम्मीदें लगाए बैठी थी, लेकिन वे मायूस होकर लौटी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को चाहिए था कि वे अग्निवीर योजना समाप्त करने, 40 हजार टेंपरेरी कर्मचारियों को स्थायी करने, और महिलाओं को 10-10 हजार रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा करते, ताकि रजत जयंती पर उत्तराखंड को वास्तविक सौगात मिलती।

उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री गैरसैंण अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती और सड़कों के विकास की घोषणा करते, तो लोगों का विश्वास बढ़ता। लेकिन आज उत्तराखंड की उम्मीदें धराशायी हो गई हैं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

इस मौके पर राज्य आंदोलनकारियों, नगर पंचायत अध्यक्ष थराली सुनीता रावत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुमति बिष्ट, पूर्व प्रमुख जखोली प्रदीप थपलियाल, सरोज साह, उमा ढौंडियाल, हरेंद्र कंडारी, लक्ष्मण बिष्ट, ईश्वरी मैखुरी, सुरेश डिमरी, गोविंद पंवार, प्रदीप कुंवर, संजय कुमार, वीरेंद्र आर्य, मोहन राम टम्टा, दिवान राम, कुंवर रावत, अंकुर रौथाण, संदीप पटवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और महिला मंगल दलों की सदस्याएं उपस्थित रहीं।

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