उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों में लगेगा CCTV कैमरा और GPS सिस्टम, यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बढ़ेगी
देहरादून: उत्तराखंड परिवहन निगम अब अपनी बसों में आधुनिक सुरक्षा और निगरानी प्रणाली लगाने जा रहा है। जल्द ही, सभी रोडवेज बसों में CCTV कैमरे और GPS (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) डिवाइस लगाए जाएंगे, जिससे बसों की निगरानी ऑनलाइन और रियल टाइम में हो सकेगी। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, शिकायतों को कम करने और बस संचालन में सुधार लाने के लिए उठाया गया है।
परिवहन निगम की प्रबंध निदेशक (MD) रीना जोशी ने अधिकारियों को इस योजना के तहत शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए सबसे पहले उन कंपनियों को बुलाया जाएगा जो बसों में GPS और ऑनलाइन CCTV कैमरे लगाने की सुविधा उपलब्ध करवा सकती हैं।
GPS सिस्टम से संचालन में सुधार और नियमों का पालन
GPS डिवाइस बसों में लगाए जाने से एक और महत्वपूर्ण फायदा यह होगा कि रोडवेज बसें निर्धारित रूट से हटकर नहीं चलेंगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और मार्गों का पालन सुनिश्चित होगा। इसके अलावा, GPS सिस्टम से बसों के माइलेज पर भी निगरानी रखी जा सकेगी, जिससे माइलेज सुधारने में मदद मिलेगी। परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों की शिकायतों को कम करने, संचालन में पारदर्शिता लाने और बसों के प्रदर्शन को सुधारने के लिए बहुत जरूरी है।
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एक कंट्रोल रूम से होगी बसों की निगरानी
MD रीना जोशी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि GPS सिस्टम के जरिए एक ही कंट्रोल रूम से सभी बसों की ट्रैकिंग की जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि रियल टाइम में बसों की लोकेशन और गति को नियंत्रित किया जा सकेगा। इसके अलावा, CCTV कैमरे भी कंट्रोल रूम से निगरानी योग्य होंगे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी और शिकायतों का समाधान तुरंत किया जा सकेगा। इससे ड्राइवर और कंडक्टर भी अधिक अनुशासन के साथ अपनी ड्यूटी करेंगे, क्योंकि उन्हें यह एहसास होगा कि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

अब लाइव फुटेज की सुविधा
हालांकि, वर्तमान में कुछ बसों में CCTV कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन इन कैमरों की फुटेज को लाइव देखने की व्यवस्था नहीं है। फिलहाल, यदि किसी बस में किसी यात्री या ड्राइवर-कंडक्टर के बीच किसी अप्रिय घटना की रिपोर्ट आती है, तो उसकी जांच के लिए फुटेज हार्ड डिस्क से ली जाती है। लेकिन नए सिस्टम के तहत, लाइव फुटेज उपलब्ध होने से जांच की प्रक्रिया तेज और अधिक प्रभावी होगी।
आगे की योजना और आगामी कार्रवाई
रीना जोशी ने बताया कि इस परियोजना पर अभी काम चल रहा है और पहले विभिन्न कंपनियों से सुझाव लिया जाएगा। इसके बाद, इन सुझावों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। यह परियोजना यात्रियों की सुरक्षा और सेवा को बेहतर बनाने के लिए एक अहम कदम है, जो राज्य के रोडवेज सेवा को और अधिक प्रभावी बनाएगा।