उत्तरकाशी त्रासदी पर बॉलीवुड की संवेदना: सारा ने शेयर किया हेल्पलाइन नंबर, कंगना और सोनू भी भावुक
उत्तरकाशी, उत्तराखंड: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली और सुखी टॉप क्षेत्रों में हाल ही में हुए बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। इस त्रासदी में कई घर, दुकानें और सड़कें बह गईं हैं, और दर्जनों लोगों के लापता होने की आशंका है। बचाव कार्य तेजी से जारी है, जबकि स्थानीय प्रशासन, सेना और राहत टीमें मोर्चा संभाले हुए हैं।
इस भीषण प्राकृतिक आपदा पर फिल्म जगत से जुड़े कई दिग्गज कलाकारों ने गहरी चिंता और संवेदना व्यक्त की है।
सारा अली खान
फिल्म केदारनाथ से करियर शुरू करने वाली सारा अली खान उत्तराखंड से विशेष जुड़ाव रखती हैं। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में उत्तरकाशी आपदा पर दुख प्रकट करते हुए लिखा,
“उत्तराखंड की घटना से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी संवेदना है। मैं सभी की सुरक्षा, शक्ति और स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करती हूं।”
साथ ही सारा ने उत्तरकाशी जिला आपातकालीन केंद्र के नंबर भी साझा किए:
📞 01374-222126, 01374-222722, 9456556431
कंगना रनौत
राजनीति में सक्रिय अभिनेत्री कंगना रनौत ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। पहाड़ों में रहने वाले लोग भय में हैं। हम दुआ करते हैं कि हालात जल्द सुधरें।”
सोनू सूद
“गरीबों के मसीहा” कहे जाने वाले अभिनेता सोनू सूद ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,
“उत्तरकाशी में आई विनाशकारी बाढ़ और बादल फटने से मन व्यथित है। यह समय है देश के एकजुट होने का।”
भूमि पेडनेकर
भूमि पेडनेकर ने जलवायु परिवर्तन और अनियंत्रित विकास को इस त्रासदी के पीछे मुख्य कारण बताया। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर भयावह तस्वीरें साझा कर लिखा,
“हिमाचल और उत्तराखंड में जो हो रहा है, वह दिल को झकझोर देता है।”
अदिवी शेष
एजेंट गोपी फेम अदिवी शेष ने लिखा,
“उत्तराखंड के लिए प्रार्थना कर रहा हूं। दिल दहला देने वाले दृश्य हैं।”
सरकार का एक्शन और हालात
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना, ITBP, SDRF, NDRF और स्थानीय लोगों की मदद से चल रहे उच्च स्तरीय राहत और बचाव अभियानों का जायजा लिया है। ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन आश्रम में गंगा का जलस्तर इतना बढ़ चुका है कि वहां स्थापित भगवान शिव की मूर्ति तक पानी पहुंच गया है।
सीमा सड़क संगठन (BRO) के अनुसार, NH-34 राजमार्ग का पापड़गाड़ क्षेत्र पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, जबकि धराली के पा
स भारी मलबा आने से रास्ता बंद हो गया है।