चमोली: चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार बड़ी राहत की खबर है। बदरीनाथ धाम जाने वाले मार्ग पर क्षेत्रपाल का संवेदनशील भूस्खलन जोन अब सुरक्षित कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को इस बार हिचकोले खाकर यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) द्वारा क्षेत्रपाल में लगभग 400 मीटर लंबे हिस्से में सुधारीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है। इस कार्य के तहत अलकनंदा नदी की ओर गिरे मलबे का निस्तारण किया गया है और भूस्खलन वाली चट्टानों को लोहे की मजबूत जालियों से सुरक्षित किया गया है। अब यहां अंतिम चरण में डामरीकरण कार्य किया जाना बाकी है, जिसकी तैयारी भी पूरी कर ली गई है।
गौरतलब है कि बदरीनाथ हाईवे पर पिछले कई वर्षों से ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसी के तहत संकरे और अंधे मोड़ों को भी चौड़ा किया गया है, जिससे यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हो रही है।
2022 में तीन दिन बाधित रही थी यात्रा क्षेत्रपाल क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन के कारण यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। वर्ष 2022 में यहां भारी भूस्खलन के चलते हेमकुंड साहिब और बदरीनाथ धाम की यात्रा करीब तीन दिनों तक बाधित रही थी। इसके बाद इस संवेदनशील क्षेत्र के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई।
साल 2024 में इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद यहां लगातार सुधार कार्य चल रहा था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है।
अब यात्रा होगी सुगम और सुरक्षित जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी के अनुसार, क्षेत्रपाल में ढलानों को मजबूत करने के लिए विशेष रासायनिक स्टेबलाइजर्स का छिड़काव किया गया है, जिससे मिट्टी का कटाव रोका जा सके। साथ ही चट्टानी हिस्सों को सुरक्षित करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन सभी कार्यों के पूर्ण होने के बाद अब इस मार्ग पर यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।
चारधाम यात्रा पर हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में क्षेत्रपाल जैसे संवेदनशील जोन का सुरक्षित होना यात्रा प्रबंधन के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।