बीटेक का पेपर लीक कांड: छात्रों से ऑनलाइन और नगद वसूली, दो कर्मचारी बर्खास्त – परीक्षा रद्द, होगी दोबारा

गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही उजागर, जांच रिपोर्ट ने खोली पोल

देहरादून। उत्तराखंड में पेपर लीक की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताज़ा मामला गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से जुड़ा है, जहां इंजीनियरिंग के दूसरे सेमेस्टर का बीटेक पेपर लीक हो गया। इस प्रकरण ने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, पेपर लीक का सौदा छात्रों से नगद और ऑनलाइन दोनों तरीकों से किया गया। कई छात्रों ने पेपर हासिल करने के लिए डिजिटल भुगतान किया जबकि कुछ ने सीधे नगद राशि दी। हैरानी की बात यह रही कि परीक्षा 20 मई से 3 जून तक आयोजित हुई, लेकिन उस दौरान न तो शिक्षकों को और न ही परीक्षा सेल को इस धांधली का पता चल पाया।

जुलाई में परीक्षा परिणाम आने के बाद ही मामला खुला, जब कुछ छात्रों ने अनियमितताओं की शिकायत करते हुए कुलपति डॉ. एम.एस. गुप्ता को पत्र भेजा। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। समिति ने दो सप्ताह पहले ही अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें पेपर लीक की पुष्टि हुई।

रिपोर्ट के आधार पर अनुबंध पर कार्यरत दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही, परीक्षा नियंत्रक ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए परीक्षा रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। अब विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया है और जल्द ही नई परीक्षा तिथियां घोषित की जाएंगी।

हालांकि, कुलपति का कहना है कि यह पूरा मामला सीधे उनके संज्ञान में नहीं आया था। लेकिन अब जब रिपोर्ट सामने है, तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।

इस कांड से छात्रों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति है। कई छात्र अब यह सवाल उठा रहे हैं कि मेहनती छात्रों के साथ न्याय कब और कैसे होगा, और आखिरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में शिक्षा व्यवस्था कब सफल होगी।

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