उत्तराखंड के पहाड़ों में एवलॉन्च का खतरा बढ़ा, इन 5 जिलों में विशेष अलर्ट जारी
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और कमजोर हिम परतों के कारण हिमस्खलन (एवलॉन्च) का खतरा बढ़ गया है। केंद्र और मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है और ट्रेकिंग व पर्वतारोहण गतिविधियों पर निगरानी के निर्देश दिए हैं। विभाग ने पर्यटकों व साहसिक खेल प्रेमियों से भी सावधान रहने की अपील की है।
एवलॉन्च अलर्ट: मौसम और जोखिम की स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है।
विशेषकर 2500 मीटर से ऊपर ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की कमजोर परतों के बनने से:
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हिमस्खलन का जोखिम और बढ़ जाता है
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अचानक मौसम बदलाव के कारण स्थितियाँ तेजी से खतरनाक हो सकती हैं
ऐसे में ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों के लिए पर्यावरण और मौसम की जानकारी लगातार अपडेट रखना आवश्यक है।
सबसे अधिक जोखिम वाले 5 जिले
केंद्रीय एजेंसी डिफेंस जिओ-इन्फ़ॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (DGRE), चंडीगढ़ ने बार-बार अलर्ट जारी किया है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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उत्तरकाशी
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चमोली
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रुद्रप्रयाग
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पिथौरागढ़
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बागेश्वर
इन जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्र न केवल प्राकृतिक रूप से संवेदनशील हैं, बल्कि पर्यटकों और ट्रेकर्स के कारण जोखिम और बढ़ जाता है।
ट्रेकिंग और पर्वतारोहण पर रोक के नए निर्देश
आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम और केंद्र की एजेंसियों के अलर्ट के आधार पर:
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ऊंचाई वाले इलाकों में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं
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जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थिति के अनुसार निर्णय लेने की छूट दी गई है
उन्होंने कहा कि हिम परतें कमजोर होने पर बर्फ एकाएक सरक सकती हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
अतीत के अनुभवों ने बढ़ाई सतर्कता
उत्तराखंड में पहले भी हिमस्खलन और बर्फीली आपदाओं के गंभीर उदाहरण रहे हैं:
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फरवरी 2021: चमोली के रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से कई लोगों की मौत
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अक्टूबर 2022: उत्तरकाशी के द्रौपदी का डांडा पर प्रशिक्षुओं के साथ हादसा
इन हादसों ने यह स्पष्ट कर दिया कि पहाड़ों में बर्फेले मौसम और हिमस्खलन कितने खतरनाक हो सकते हैं।
प्रशासन क्यों कर रहा अतिरिक्त सतर्कता?
जनवरी के अंतिम सप्ताह में उत्तर भारत में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण:
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पहाड़ों पर बर्फ की मोटी परतें जम गई हैं,
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और मौसम विभाग का अनुमान है कि आगे ऐसा ही मौसम बना रह सकता है।
इसलिए प्रशासन पूर्व की तुलना में अधिक सतर्क है और पहले से तैयारियों को मजबूत कर रहा है।
पर्यटकों और ट्रेकर्स के लिए प्रशासन की सलाह
आपदा प्रबंधन विभाग ने विशेष रूप से कहा है:
मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें
अलर्ट के दौरान जोखिम भरे ट्रैक और अभियानों से बचें
ऊंचे क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन की अनुमति/सूचना लेकर ही जाएं
बर्फ़ और खराब मौसम में अकेले न जाएं
जैसे प्रशासन कहता है—
“पहाड़ जितने सुंदर हैं, उतने ही खतरनाक भी हो सकते हैं।”